'राजस्थान में बच्चे मर रहे, कोटा की बजाय, दंगा करने वालों से प्रति उमड़ रहा है प्रियंका गांधी का प्रेम'

प्रयागराज
डेप्युटी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने एक बार फिर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी पर हमला बोला है। केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रियंका गांधी हमेशा नौटंकी ही करती हैं, उन्हें अगर बच्चों की मौत पर थोड़ा भी पीड़ा या दर्द होता तो वे राजस्थान के कोटा शहर जातीं। कांग्रेस का चरित्र ही ऐसा है कि जहां पर बच्चे मर रहे हैं उन परिवारों के आंसू पोछने के बजाय दंगा-बलवा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों के घर जा रही हैं। ऐसे लोगों के लिए प्रियंका के मन में प्रेम उमड़ रहा है।

माघ मेले का स्थलीय निरीक्षण करने पहुंचे डेप्युटी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि, प्रियंका गांधी नागरिकता संशोधन कानून को लेकर अराजकता और तोड़-फोड़ करने वाले लोगों के घरों पर सहानुभूमि बटोरने जा रही हैं। राजस्थान में कांग्रेस की सरकार है और इलाज की कमी के चलते सौ बच्चों की मौत हो चुकी है लेकिन प्रियंका गांधी वहां नहीं जा रही हैं। केशव ने कहा कि, कोटा में जिन परिवारों के बच्चों की मौत हुई है उनकी पीड़ा अधिक है। इसलिए उनके आंसू पोछने के लिए प्रियंका गांधी को जाना चाहिए।

पीएफआई पर बैन को लेकर हो रही सियासत पर डेप्युटी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने समाजवादी पार्टी को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का इतिहास रहा है कि उन्होंने हमेशा आतंकियों का समर्थन किया है। एसपी सरकार आतंकियों के मुकदमे भी वापस लेने की तैयारी कर रही थी, लेकिन हाईकोर्ट द्वारा रोक लगाने से वह ऐसा नहीं कर सकी। सीएए को लेकर हो रहे छिटपुट विरोध पर डेप्युटी सीएम ने कहा कि, अब यह कानून बन चुका है। जो देश के किसी भी हिन्दू और मुसलमान पर लागू नहीं होता है। लेकिन कुछ राजनीतिक दल निहित स्वार्थ में लोगों को गुमराह कर रहे हैं।

सीएए दूसरे देशों के प्रताड़ित लोगों के लिए
उन्होंने कहा कि सीएए अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बंग्लादेश के प्रताड़ित होकर भारत में रह रहे हिंदुओं के लिए है। सीएए को लेकर लोगों को गुमराह करने का विपक्षियों का अभियान भी पूरी तरह से फेल हो गया है। वहीं, आईआईटी कानपुर के छात्रों द्वारा सीएए के विरोध में पाकिस्तानी शायर फै़ज अहमद फै़ज की गजल गाने को लेकर मचे कोहराम पर कहा कि, इस मामले में जांच हो रही है। जांच के बाद ही पता चलेगा कि, इसके पीछे लोगों की क्या मंशा थी।

Source: International

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