वाराणसी: मकर संक्रांति से शुरू हो जाएगा विश्‍वनाथ धाम का निर्माण

विकास पाठक, वाराणसी
प्रधानमंत्री सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना काशी विश्‍वनाथ धाम (कॉरिडोर), खरमास की समाप्ति यानी 15 जनवरी से आकार लेना शुरू करेगा। विधिवत पूजा पाठ के साथ निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी ने जोर पकड़ा है। इस क्रम में निर्माण की जिम्‍मेदारी संभालने वाली गुजरात की कंपनी पीएसपी इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर की पहली टीम मंगलवार को वाराणसी पहुंची।

काशी विश्‍वनाथ मंदिर से मणिकर्णिका और ललिता घाट के बीच एक किलोमीटर लंबे और करीब 70 फीट चौड़े विश्‍वनाथ धाम को 18 महीने के अंदर तैयार करने का प्‍लान है। 27 दिसंबर को टेंडर फाइनल होने के बाद शुभ मुहूर्त में काम शुरू कराने के लिए अधिकारयों की सक्रियता तेज हो गई है। निर्माण की शुरुआत के लिए का दिन तय हुआ है।

पीडब्‍ल्‍यूडी में विश्‍वनाथ धाम निर्माण खंड के मुख्‍य अभियंता जी. पी. पांडेय ने बताया कि धाम का निर्माण करने वाली अहमदाबाद की कंपनी की टीम का आना शुरू हो गया है। अगले दो-चार दिनों में मशीनें भी आने लगेंगी। कंपनी के विशेषज्ञों के आने पर 12 जनवरी तक तय हो जाएगा कि किस जगह से काम शुरू होगा।

धाम के निर्माण की निगरानी के लिए तकनीकी कंसल्‍टेंट भी नियुक्‍त कर दिए गए हैं। विशेषज्ञों की टीम में सीनियर आर्किटेक्‍ट, लैंड स्‍केप डिजाइन एक्‍सपर्ट, पर्यावरण, यातायात, जीओ टेक्निल विशेषज्ञ के अलावा इलेक्ट्रिकल और वित्त विशेषज्ञ शामिल हैं।

पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश देगा
काशी नगरी के धार्मिक और सांस्‍कृतिक स्‍वरूप के दर्शन करने वाला अनूठा विश्‍वनाथ धाम पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश देगा। इसमें 40 फीसदी निर्माण और 60 फीसदी खुला और हरियाली क्षेत्र होगा। कॉरिडोर में सांस्‍कृतिक और सामूहिक गतिविधियों के लिए मल्‍टीपर्पज हाल बनेगा। इसके अलावा जलासेन और ललिता घाट के बीच बड़ा मंच बनेगा।

वाराणसी गैलरी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र होगी तो धरोहरों को संजोने के लिए सिटी म्‍यूजियम भी बनाया जाएगा। जलासेन घाट स्थित सीवेज सिस्‍टम को अंडरग्राउंड करके धाम क्षेत्र के सीवेज से जोड़ने, सीवेज ट्रीटमेंट के लिए 25 एमएलडी का एसटीपी और अनवरत प्रकाश व्‍यवस्‍था के लिए विद्युत उपकेंद्र स्‍थापित करने की भी योजना है।

Source: International

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