
विशेष संवाददाता, ग्रेटर नोएडा
यूपी रेरा ने मंगलवार को शाहबेरी के मामलों में सुनवाई पूरी कर ली। अब फैसले के तकनीकी पहलुओं पर मंथन किया जा रहा है। सनसिटी और एसोटेक बिल्डर को पजेशन और मिग्सन ग्रीन मेंशन को बायर को 40 हजार रुपये बतौर मुआवजा देने का आदेश दिया है। बिल्डर ने रजिस्ट्री कराने में देरी की इस वजह से मुआवजा देने का फैसला लिया गया।
रेरा की पीठ 1 में ला रेजिडेंशिया, सुपरटेक और ट्राइडेंट इन्फ्रा होम के 13 मामलों में फैसला सुरक्षित रख लिया गया। पीठ-2 में एसोटेक बिल्डर की परियोजना में दिसंबर 2020 तक पजेशन का आदेश दिया गया। सनसिटी के 26 मामलों में फैसला दिया गया। इनमें से अधिकांश में 6 माह के अंदर पजेशन देने और बाकी में रिफंड का आदेश हुआ।
पीठ-2 में ही शाहबेरी से जुड़े 5 मामलों में सुनवाई हुई। बायर्स ने बिल्डर जसबीर मान पर धोखे का आरोप लगाते हुए अपने पैसे वापस मांगे हैं। सुनवाई में बिल्डर का प्रतिनिधि नहीं आया। ग्रेनो अथॉरिटी ने अपना पक्ष रखते हुए बायर्स का पैसा लौटाए जाने की अपील की।
Source: International