'लड़का ही होगा' का दावा करने वाले गोटाई बाबा की बढ़ेंगी मुश्किलें

चंद्रकांत मौर्य, बाराबंकी
युवतियों को बेटा ही पैदा होने का लालच देकर रेप के एक मामले से चर्चा में आए जिले के को भले ही सेशन कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया हो, लेकिन उनकी मुसीबत कम नहीं होगी। जिला प्रशासन ने सेशन कोर्ट के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देने का फैसला किया है। डीएम आदर्श सिंह की अध्यक्षता की जिला अभियोजन कमिटी ने फैसले के तथ्यों को प्रकृतिक न्याय के खिलाफ मानते हुए हाई कोर्ट में मुकदमा दायर कर सुनवाई की सिफारिश शासन से की है। ऐसे ही रेप के एक अन्य मामले में भी फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देने की सिफारिश की गई है।

चर्चित गोटाई बाबा मोहम्मदपुर खाला थानाक्षेत्र में आने वाले टांडा इलाके के निवासी है। बाबा के खिलाफ एक युवती ने मुकदमा दर्ज करवाया था। इसमें उसने कहा था कि 12 मार्च 2018 को खेत पर घास काटने के लिए गई थी। वहां पर गोटाई बाबा अचानक आ गए और कहा कि तुमको बेटा नहीं हो रहा है। मेरे पास एक धागा है। इसको हाथ में बांध देंगे तो बेटा ही होगा। इसके बाद उसने उनके हाथ में वह धागा बांध दिया। कुछ पलों में ही गोटाई बाबा ने उसको खेत पर ही धक्का देकर गिरा दिया और उसका रेप किया। इस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर गोटाई बाबा को जेल भेजा और विवेचना पूरी करने के बाद चार्जशीट कोर्ट पर भेजी। गोटाई बाबा पर रेप करने व अनुसूचित जाति की युवती का उत्पीड़न का आरोप पाया।

सुनवाई में हुई प्रतिपरीक्षा में युवती ने कहा कि बाबा उससे काफी पहले मिले थे। इस पर बेटा न होने का समाधान अपने पास होने की बात कहीं थी। फिर बाबा ने उसको व ऐसी चाहत रखने वाली चार पांच अन्य युवतियों को कई दिनों तक अपने घर पर बुलाया था और पूजा करवाई थी। पूजा के दौरान ही बाबा की पत्नी ने उस पर गलत होने की बात कहकर डांटा था। विवाद भी किया था। वारदात के दिन जब गोटाई बाबा ने उसके साथ रेप किया तो कुछ देर बाद ही गोटाई बाबा की पत्नी ने फिर उसके पास आकर लड़ाई की थी। इस मामले की सुनवाई पूरी करते हुए सेशन कोर्ट ने पिछले माह फैसला सुनाया। इसमें उसने गोटाई बाबा के युवती से संबंध होने व रेप होने की घटना को उसका हिस्सा ही माना। कोर्ट ने कहा कि युवती के पति चाहे तो बवास्ते आशनाई की धारा में अलग से मुकदमा दर्ज करवा सकते हैं। जिला अभियोजन कमिटी ने फैसले के तथ्यों को हाईकोर्ट में चुनौती देने का निर्णय लिया है।

फैसले में रेप को माना सहमति
जिला अभियोजन कमिटी ने मसौली थाना क्षेत्र के प्रीतमपुर डडियामऊ में वर्ष 2012 में पिछले माह ही फैसला सुनाया। इसमें वादी ने कहा था कि उसकी रिश्तेदार किशोरी उनके साथ रहती थी। अप्रैल 2012 में उसे राम कैलाश अपहृर्त कर ले गया। इसके बाद रेप किया। पुलिस ने आरोपी रामकैलाश को जेल भेजा। प्रतिपरीक्षा में पीड़िता ने कहा कि वह बालिग है। कोर्ट ने इस बात के बयान को मान लिया और आरोपी को दोषमुक्त कर दिया। कमिटी ने माना कि इस फैसले में कई खामियां हैं। इस कारण उसने हाई कोर्ट में अपील करने का निर्णय किया है।

Source: International

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