गौरव के मोबाइल और कार की तलाश में जुटी पुलिस

इलेक्ट्रॉनक डिटेक्टर और डॉग स्क्वॉड की मदद से चला सर्च ऑपरेशन

2 घंटे की मशक्कत के बाद भी कार और मोबाइल का नहीं मिला सुराग

विशेष संवाददाता, नोएडा

गुड़गांव की निजी कंपनी में रीजनल मैनेजर गौरव चंदेल की हत्या के मामले की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। गौरव के लूटे गए मोबाइल को तलाशने के लिए गुरुवार को फरेंसिक टीम के अधिकारी डॉग स्क्वॉड के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। करीब 2 घंटे की मशक्कत के बाद भी पुलिस को मोबाइल नहीं मिल सका। बुधवार रात को भी गौरव से लूटी गई ‘किया सेल्टॉस’ कार को तलाशने के लिए पुलिस की टीमों ने घटनास्थल के आसपास के गांवों में सर्च ऑपरेशन चलाया था। इस दौरान जिले के बॉर्डर पर भी चेकिंग अभियान चलाया गया। वारदात के 3 दिन बाद भी पुलिस न तो हत्यारोपितों को गिरफ्तार कर सकी है और न लूटी गई गाड़ी और मोबाइल बरामद कर पाई है।

बता दें कि ग्रेटर नोएडा की गौड़ सिटी सोसायटी में रहने वाले गौरव चंदेल की सोमवार रात पर्थला गोलचक्कर के पास बदमाशों ने लूट के बाद हत्या कर दी थी। उनके सिर में काफी करीब से गोली मारी गई थी। मंगलवार तड़के करीब 4:15 बजे परिवार के लोगों को सड़क के किनारे झाड़ियों में गौरव का शव मिला था। इस मामले में मृतक के परिवार ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया था। परिवार का कहना था कि सूचना देने के बाद भी पुलिस ने गौरव की तलाश नहीं की। पुलिस ने परिवार को सुबह तक इंतजार करने के लिए बोला था। परिवार के लोग कई घंटे तक आसपास के थानों में चक्कर लगाते रहे लेकिन पुलिस ने उनकी कोई मदद नहीं की। ऐसे में परिवार और सोसायटी के लोगों ने खुद ही गौरव की तलाश की थी।

इलेक्ट्रॉनिक डिटेक्टर से तलाशा फोन

गौरव की हत्या के बाद लूटे गए मोबाइल की लोकेशन घटनास्थल के आसपास के इलाकों से ही आ रही थी। ऐसे में जांच अधिकारी इस नतीजे पर पहुंचे कि मोबाइल घटनास्थल के आसपास ही फेंके गए थे। रात में मोबाइल टावरों के सिग्नल ओवरलैप होने की वजह से उनकी लोकेशन अलग-अलग जगह आ रही थी। बैटरी डिस्चार्ज होने के बाद फोन बंद हो गए। बुधवार को पुलिस की टीमों ने हिंडन नदी के आसपास मोबाइल को खोजने के लिए अभियान चलाया था, लेकिन सफलता नहीं मिली। ऐसे में गुरुवार को इलेक्ट्रॉनिक डिटेक्टर और डॉग स्क्वॉड की मदद से मोबाइल खोजे गए लेकिन सफलता नहीं मिली।

गाड़ी भी आसपास छिपाने का अंदेशा

जांच अधिकारियों को अंदेशा है कि हत्यारे वारदात के बाद गाड़ी को लेकर ज्यादा दूर नहीं गए। गाड़ी आसपास ही कहीं छिपाई गई है। इसका कारण यह भी है कि पुलिस को यहां से बाहर जाने वाले रास्तों पर किसी भी टोल पर गौरव की कार निकलती हुई सीसीटीवी फुटेज में नहीं दिखाई दी है। ऐसे में पुलिस की टीमों ने आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया। इसके साथ ही बॉर्डर पर भी रात से समय चेकिंग अभियान चलाया गया, ताकि अगर गाड़ी यहां से निकले तो बदमाशों के पकड़ा जा सके। इस दौरान गाड़ी कहीं से भी नहीं गुजरी।

तीन गिरोहों पर है पुलिस को शक

हत्यारों तक पहुंचने के लिए पुलिस इस तरह की वारदात करने वाले 3 गिरोहों के बदमाशों के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि आमतौर पर लूटपाट करने वाले बदमाश गोली चलाने से बचते हैं। इस वजह से पुलिस सिर्फ लूट के इरादे से हत्या के अलावा अन्य एंगल पर भी मामले की जांच कर रही है। पुलिस इस केस में अब तक करीब एक दर्जन लोगों से पूछताछ कर चुकी है। इसके साथ ही करीब 10 जगहों की सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली जा चुकी है। बावजूद इसके पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला है।

कोट

पुलिस इस मामले की सभी एंगल से जांच कर रही है। मोबाइल और कार को बरामद करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही बदमाशों को पकड़ लिया जाएगा।

– देवेंद्र कुमार, एसएचओ, थाना फेस-3

Source: International

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *