बनारस छोटा शहर है, भविष्य नहीं है, इसलिए नहीं जाऊंगी ससुराल

B- पत्नी का कहना, छोटे शहर में जाकर रुक जाएगा विकास, दहेज उत्पीड़न का भी दर्ज कराया है केस

– पति ने कहा, मैं रखना चाहता हूं, वह जाने को नहीं हो रही तैयार, मामला कोर्ट तक पहुंचा

एनबीटी न्यूज, गाजियाबाद : B

जिले के प्रतिष्ठित स्कूल में टीचर की नौकरी करने वाली एक महिला पति के साथ अपने ससुराल बनारस जाने को तैयार नहीं है। उसका कहना है कि बनारस बनारस छोटा शहर है। वहां भविष्य नहीं है। मैं बनारस में जाकर नहीं रह सकती। तुम्हें मेरे साथ गाजियाबाद में ही रहना होगा। इसके बाद दोनों के बीच जो तकरार शुरू हुई, वह कोर्ट तक पहुंच गई। वहीं पत्नी ने पति से खिलाफ कोर्ट में दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दायर किया है। दूसरी तरफ युवक का कहना है कि वह पत्नी को साथ रखना चाहता है।

Bयुवती की जिद के आगे परिवार ने मानी थी हारB

आजमगढ़ के मूल निवासी एक व्यक्ति का परिवार काफी वर्षों से गाजियाबाद के राजेंद्रनगर में रह रहा है। व्यक्ति की बेटी ने पीएचडी तक की पढ़ाई की। पढ़ाई के दौरान उसकी दोस्ती बनारस में रहने वाले युवक के साथ हो गई थी। दोनों की दोस्ती कुछ ही दिन में प्यार में बदल गई। इस बात का पता परिवारवालों को चल गया। युवती के परिवार के लोगों ने शादी करने से मना कर दिया, लेकिन युवती की जिद के सामने परिवार ने हार मान ली और 27 फरवरी 2016 को दोनों ने शादी कर ली। अब वह गाजियाबाद के एक स्कूल में टीचर है। शादी के बाद युवक अपनी पत्नी को बनारस ले जाना चाहता है। युवती ने यह कहते हुए बनारस जाने से मना कर दिया कि बनारस छोटा शहर है। वहां भविष्य नहीं हैं। मैं किसी भी हाल में गाजियाबाद को छोड़कर बनारस नहीं जा सकती।

B21 महीने से अलग रह रहे हैं दोनोंB

दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि शादी के 21 महीने बाद 27 नवंबर 2017 से दोनों अलग-अलग रह रहे हैं। महिला ने पति के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोग दहेज में एक गाड़ी और 10 लाख रुपये की डिमांड कर रहे हैं। मांग पूरी नहीं होने पर मारपीट और उत्पीड़न किया जा रहा है। कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 13 फरवरी की तारीख लगाई है।

Source: International

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