वाराणसी: पावन पथ से विश्‍वनाथ धाम के मंदिर भी जुड़ेंगे

विकास पाठक, वाराणसी
काशी विश्‍वनाथ धाम (कॉरिडोर) के लिए हुए ध्‍वस्‍तीकरण से सामने आए काशी खंडोक्‍त मंदिर पावन पथ से जुड़ेंगे। इसके लिए काशी विद्वत परिषद के सदस्‍य जल्‍द ही कॉरिडोर का भ्रमण कर मंदिरों, विग्रहों और धार्मिक कूपों का भौतिक सत्‍यापन करेंगे। इसके बाद मंदिर और विग्रहों को शास्‍त्र सम्‍मत विधि से संयोजित किया जाएगा।

यह जानकारी सूबे के धर्मार्थ कार्य तथा पर्यटन राज्‍यमंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) डॉक्टर नीलकंठ तिवारी ने दी। बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रॉजेक्‍ट विश्‍वनाथ धाम में आने वाले काशी खंडोक्‍त मंदिरों को पावन पथ से जोड़कर संरक्षित करने का प्‍लान है। इसके अलावा और जो प्राचीन मंदिर मिले हैं, उनका भी जीर्णोद्धार काशी विद्वत परिषद की राय से कराया जाएगा।

पर्यटन मंत्री ने कहा कि काशी में विश्‍वनाथ मंदिर, काल भैरव तथा संकटमोचन मंदिर में तो हजारों श्रद्धालु रोजाना आते ही हैं। काशी में इनके अतिरिक्‍त भी 108 प्राचीन और प्रमुख धार्मिक स्‍थल है। उन्‍हें जोड़ते हुए पावन पथ बनने से काशी आने वाले श्रद्धालुओं को सभी तीर्थ स्‍थलों के दर्शन का लाभ मिलेगा।

पावन पथ को काशी विश्‍वनाथ समेत सभी द्वादश ज्‍यातिर्लिंगों,सहित अष्‍ट भैरव मंदिरों, नवगौरी, नवदुर्गा मंदिरों को एक-दूसरे से जोड़कर विकसित किया जाएगा। स्‍थलों का चयन हो चुका है। मंदिरों को जाने वाली सड़क, पानी, बिजली और अन्‍य सुविधाएं दुरुस्‍त कराई जाएगी ताकि श्रद्धालु आसानी से पहुंच सकें।

संक्राति बाद लागू होगी नई व्‍यवस्‍था
उधर, काशी विश्‍वनाथ मंदिर प्रशासन ने स्‍पर्श दर्शन के लिए ड्रेस कोड मकर संक्राति के बाद लागू करने का निर्णय लिया है। नई व्‍यवस्‍था में पुरुषों को धोती और महिला श्रद्धालुओं को साड़ी पहनना अनिवार्य होगा। जींस, सूट, पैंट शर्ट पहनने वाले श्रद्धालु विग्रह का स्‍पर्श नहीं, केवल बाबा का दर्शन कर सकेंगे। इसके साथ ही स्‍पर्श दर्शन का समय भी बढ़ेगा।

Source: International

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