अमित शाह बनकर राज्यपाल को फोन करने के आरोपियों का पुलिस रिमांड तीन के लिए बढ़ा

भोपाल, 13 जनवरी (भाषा) स्वयं को केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह बताकर मध्य प्रदेश के राज्यपाल लाल जी टंडन को फोन करने के मामले में गिरफ्तार किए गए भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर कुलदीप वाघेला और उसके दंत चिकित्सक मित्र डॉ. चंद्रेश कुमार शुक्ला का पुलिस रिमांड स्थानीय अदालत ने सोमवार को तीन दिन के लिए और बढ़ा दिया। वाघेला ने शुक्ला को मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित चिकित्सा विश्वविद्यालय में कुलपति नियुक्त करने के लिए राज्यपाल को अमित शाह के रूप में फोन कर सिफारिश की थी। इस मामले में दोनों को 10 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था और दोनों तीन दिन के पुलिस रिमांड पर थे। विशेष कार्य बल :एसटीएफ: भोपाल के पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह भदोरिया ने ‘भाषा’ से कहा, ‘‘भोपाल के न्यायिक मजिस्ट्रेट पुष्पक पाठक की अदालत से हमें कुलदीप वाघेला और डॉ. चंद्रेश कुमार शुक्ला का तीन दिन का रिमांड और मिल गया है।’’ उन्होंने कहा कि हमने इस मामले में सबूत जुटाने के लिए अदालत से तीन दिन का पुलिस रिमांड और मांगा था, जो अदालत ने प्रदान कर दिया। भदोरिया ने बताया कि साइबर फॉरेंसिक लैब से अभी कुछ टेक्निकल रिपोर्ट आनी है। उन्होंने कहा, ‘‘जिस फोन नंबर से इन्होंने (आरोपियों) राजभवन में बात की, उससे जुड़े दस्तावेज जब्त करने हैं। ये दस्तावेज बाहर के हैं, यहां के नहीं हैं। इनके बारे में भी जानकारी लेनी है।’’ भदोरिया ने बताया कि वाघेला ने शुक्ला को कुलपति नियुक्त करने के लिए राज्यपाल को केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के रूप में फोन कर सिफारिश की थी। वाघेला फिलहाल भारतीय वायु सेना के मुख्यालय, दिल्ली में पदस्थ हैं, जबकि शुक्ला भोपाल के निवासी हैं। वहीं, एसटीएफ के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि वाघेला पूर्व में मध्य प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल राम नरेश यादव के कार्यकाल में तीन वर्ष तक उनके एडीसी :परिसहाय: के रूप में यहां राजभवन में पदस्थ रह चुके हैं। उन्होंने बताया कि भोपाल के दंत चिकित्सक चंद्रेश कुमार शुक्ला जबलपुर स्थित प्रदेश के चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति पद के इच्छुक थे और उन्होंने इसके लिए आवेदन भी किया था। शुक्ला का तीन जनवरी को इसके लिए साक्षात्कार हो चुका था।

Source: Madhyapradesh

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