मध्य प्रदेश: लोकसेवा आयोग के पेपर में भील जनजाति को बताया अपराधी और शराबी, मचा बवाल

भोपाल
(एमपीपीएससी) के प्रश्नपत्र में पूछे गए सवाल से घमासान मच गया है। पेपर में को लेकर पूछे गए सवाल को बीजेपी ने आपत्तिजनक बताया है। ने इसे समुदाय का अपमान बताते हुए पेपर तैयार करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार क्या करने की कोशिश कर रही है? पेपर तैयार करने वाले शख्स के खिलाफ ऐक्शन लिया जाना चाहिए।

राम दांगोरे भील जनजाति से आते हैं और वह परीक्षा में उम्मीदवार भी थे। पूरे राज्यभर में 12 जनवरी को हुए थे। खंडवा केंद्र में एग्जाम में शामिल हुए राम दांगोरे ने बताया, ‘प्रश्नपत्र में एक अनसीन पैसेज आया था जिसमें भील जनजाति को आपराधिक और शराबी बताया गया।’ इस पर दांगोरे ने आपत्ति जाहिर की।

भारत में भीलों की आबादी 1.6 करोड़
बीजेपी विधायक ने कहा, ‘मैं एक अध्यापक हूं और भील जनजाति से ताल्लुक रखता हूं। हमारा एक लंबा इतिहास है और हमने स्वतंत्रता संग्राम में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। मैं प्रश्नपत्र में भील जनजाति को लेकर किए गए आपत्तिजनक सवाल से हैरान रह गया।’ बता दें कि भारत में भीलों की आबादी 1.6 करोड़ के करीब है जिनमें से मध्य प्रदेश में तकरीबन 60 लाख की आबादी है। यह देश में प्रभावशाली जनजाति है।

हमें टारगेट किया जा रहा है- बीजेपी विधायक
दांगोरे ने कहा, ‘प्रश्नपत्र में पूछा गया कि भील समुदाय पूरी तरह से शराब के नशे में डूबी है। पीएससी के एग्जाम में इस तरह के सवाल कैसे पूछे जा सकते हैं? हमें टारगेट किया जा रहा है।’ दांगोरे ने बताया कि एमपीपीएससी के पहले पेपर में भील आइकॉन को लेकर रेंफ्रेंस था। उन्होंने कहा, ‘जीके के प्रश्नपत्र में इंटरनैशनल ब्लाइंड क्रिकेटर सोनू गोल्कर का जिक्र था जो भील जनजाति से हैं और विक्रम अवॉर्ड जीत चुके हैं, यह राज्य सरकार का सबसे बड़ा खेल पुरस्कार है।’

भीलों के खिलाफ अपमानजनक शब्दावली
दांगोरे ने आगे कहा, ‘लेकिन दूसरे प्रश्नपत्र में ऐसा लग रहा था कि एग्जाम पेपर तैयार करने वाले को भील जनजाति की कोई समझ या जानकारी नहीं है। उसने भील जनजाति के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। मैंने इससे पहले किसी समुदाय के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं देखा।’ दांगोरे ने कहा कि वह सोमवार को पुलिस में शिकायत दर्ज कराएंगे। दांगोरे ने कहा, ‘हमने तत्काल प्रभाव से प्रश्नपत्र को तैयार करने वाले को हटाने की मांग की है।’

Source: Madhyapradesh

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