शॉर्ट सर्किट और आग से भी नहीं जलेंगे बिजली के तार

B- ग्रेनो के एक्स्पो सेंटर में चल रहे इलेक्रॉमा 2020 में दिखाया गया प्रॉडक्ट

– जर्मन तकनीक से एक कंपनी कर रही निर्माण, फरवरी में आएगा मार्केट में

विशेष संवाददाता, ग्रेटर नोएडाB

शॉर्ट सर्किट से लगने वाली आग कुछ समय बाद गुजरे जमाने की बात हो जाएगी। फरवरी तक ऐसा बिजली का तार मार्केट में आएगा, जिसमें आग लगने की संभावना बिल्कुल नहीं होगी। जर्मन तकनीक से इसका निर्माण होगा। ओवरलोड या शॉर्ट सर्किट से तार नहीं जलेंगे। इंडिया एक्स्पो सेंटर एंड मार्ट में चल रहे इलेक्रॉमा 2020 में रविवार को इसका मॉडल पेश किया गया। ऐसी तकनीक वाले तार बनाने के लिए एक कंपनी अगले 5 वर्षों में देश में 200 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। भविष्य में मार्केट में आने वाले इलेक्ट्रॉनिक और इलेक्ट्रिकल्स सामानों की यहां प्रदर्शनी लगी है। एक्स्पो में सभी की एंट्री फ्री है।

देश की नित्या समूह ने भी रविवार को एक्स्पो में अपने उत्पाद पेश किए। एक्स्पो में जर्मन की तकनीक वाले तारों और केबल पेश किए गए हैं। कंपनी के सीएमडी प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि अब सुविधा के साथ सुरक्षा और गुणवत्ता भी बेहद जरूरी है। तार और केबल एक महत्वपूर्ण चीज है। किसी भी शॉर्ट सर्किट और आग से बचने के लिए तार और केबल्स इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन सर्किट में एक बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में जर्मन तकनीक के साथ केबल व तार बनाए जा रहे हैं। इसमें ऐसी चीजों का प्रयोग किया जाता है, जिससे शॉर्ट सर्किट न हो और गर्म होकर तार में आग न लगे। फरवरी के अंतिम सप्ताह तक मार्केट में ऐसे तार आ जाएंगे। 22 जनवरी तक देश-विदेश के 1370 से ज्यादा उद्यमी अपने उत्पाद एक्स्पो में दिखाएंगे।

Bपावर सेक्टर में जेंडर गैप पर फोकसB

पावर सेक्टर में अभी जेंडर गैप कम करने पर विशेष फोकस किया जा रहा है। महिला उद्यमी अंजुली चंद्रा ने बताया कि जब उन्होंने इंजीनियरिंग में एडमिशन लिया था तो कॉलेज में एक मात्र महिला थीं। महिलाओं के लिए उस वक्त कॉलेजों में बुनियादी सुविधाएं भी नहीं थीं। काफी दिक्कतों के बाद प्रिंसिपल के वॉशरूम को इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई। करियर के 40 वर्षों में भी ऐसी ही चुनौतियों का सामना करना पड़ा। अंजुली ने एक घटना बताई, बोलीं- आतंकी गतिविधियों की वजह से कश्मीर में विद्युतीकरण के लिए कोई जाने को तैयार नहीं था। कंपनी की डिप्टी डायरेक्टर होने के नाते मैंने हामी भरी तो कर्मचारियों में भी डर खत्म हुआ। इलेक्रॉमा 2020 के चेयरमैन अनिल साबू ने बताया कि अभी देश में पावर सेक्टर में महज 6-7 पर्सेंट महिलाएं हैं।

Source: International

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