गौरव मर्डर केस : 2 हफ्ते बाद भी हत्यारों का सुराग नहीं

– बदमाशों को दबोचने के लिए लगाई गईं दो टीमों को वापस बुलाया

– अब सिर्फ फेज-3 थाना पुलिस की टीम करेगी इस केस पर काम

– एसटीएफ और गाजियाबाद पुलिस भी बदमाशों को कर रही तलाश

विशेष संवाददाता, नोएडा

गुड़गांव की निजी कंपनी के रीजनल मैनेजर गौरव चंदेल की हत्या के 2 सप्ताह बाद भी नोएडा पुलिस अंधेरे में तीर चला रही है। गाजियाबाद में लूटी गई टियागो कार के मिलने के बाद इस केस में लगाई गई 2 टीमें भी वापस बुला ली गई हैं। अब सिर्फ फेज-3 थाने की टीम ही इस केस पर काम रही है। हालांकि एसटीएफ और गाजियाबाद पुलिस भी बदमाशों की खोजबीन में लगी हैं। नोएडा पुलिस मिर्ची गैंग या इसी तरीके से लूटपाट करने वाले गिरोहों पर फोकस किए हुए है। हालांकि इतने दिन बाद भी यह तय नहीं हो पाया है कि गौरव की हत्या किसने की है?

बता दें कि ग्रेनो वेस्ट की गौड़ सिटी सोसायटी में रहने वाले गौरव चंदेल की 6 जनवरी की रात करीब 10:30 बजे ग्रेटर नोएडा वेस्ट में घर लौटते समय पर्थला चौक से आगे करीब एक किलोमीटर दूर सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बदमाश उनकी सेल्टॉस कार समेत 2 मोबाइल, लैपटॉप और पर्स लूट ले गए थे। उनकी कार घटना के एक हफ्ते बाद 14 जनवरी की रात गाजियाबाद के आकाश नगर में लावारिस हालत में मिली थी। इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज से पता चला था कि बदमाश टियागो कार से सेल्टॉस को छोड़ने आए थे। टियागो कार उसी रात बदमाशों ने गाजियाबाद में महरौली स्टेशन के पास से लूटी थी। इस कार को भी बदमाशों ने आकाश नगर से करीब एक किलोमीटर दूर रात करीब 1:30 बजे छोड़ दिया था। 15 जनवरी से ही पुलिस टीम इस कार पर जीपीएस लगाकर बदमाशों की टोह में बैठी हुई थी। हालांकि बदमाश लौटकर नहीं आए। अब पुलिस के पास टियागो के जरिये बदमाशों तक पहुंचने की उम्मीद भी खत्म हो गई है। पुलिस को आकाश नगर में सेल्टॉस के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज से 4 बदमाशों के होने का पता चला है, हालांकि पुलिस फुटेज में बदमाशों के चेहरे साफ नहीं होने की बात कह रही है। लिहाजा हत्यारों की खोजबीन में लगाई गई सेक्टर-58 और सेक्टर-49 थाने की टीम हटा ली गई हैं।

मिर्ची गैंग अब भी प्राइम सस्पेक्ट

वारदात करने के तरीके से नोएडा पुलिस मिर्ची गैंग के सरगना और एक लाख रुपये के इनामी प्रवीण उर्फ आशु जाट को गौरव चंदेल की हत्या में प्राइम सस्पेक्ट मान रही है। हालांकि पुलिस के पास अभी इसका कोई ठोस सबूत नहीं है। जांच अधिकारी बता रहे हैं कि इस इलाके में गाजियाबाद के ही दो-तीन और गिरोह हैं, जो ठीक इसी तरह से वारदात करते हैं। हालांकि पुलिस की टीमें इनमें से किसी भी गिरोह को पकड़ने में कामयाब नहीं हो पाई हैं।

Source: International

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