'बच्चों के नाम पर 3 म्यूचुअल फंड लिए थे शशिकांत ने'

एनबीटी न्यूज, गाजियाबाद

कस्टम विभाग के पूर्व डिप्टी कमिश्नर से संबंधित केस में बुधवार को सीबीआई कोर्ट में सुनवाई हुई। जिसमें आदित्य बिरला कंपनी के म्यूचुअल फंड मैनेजर ने पेश होकर अपने बयान दर्ज कराए। वहीं, केस के आरोपित कमिश्नर शशिकांत और उसकी पत्नी श्वेता सिंह पेश हुए। अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी।

सीबीआई के लोक अभियोजन अधिकारी कुलदीप पुष्कर ने बताया कि नवंबर 2013 में कारोबारी नरेंद्र चुग का विदेश से सामान आया था। कम कस्टम ड्यूटी देने पर सामान दादरी स्थित कस्टम विभाग के डिपो में रोक लिया गया। इसकी जांच डिप्टी कमिश्नर शशिकांत कर रहे थे। आरोप है कि दिल्ली निवासी सतीश गुप्ता ने सामान छुड़ाने की बदले डिप्टी कमिश्नर से बातचीत कर रिश्वत तय कर दी थी। सीबीआई ने सूचना के आधार पर शशिकांत, नरेंद्र और सतीश को गिरफ्तार कर लिया था। बाद में शशिकांत के घर छापेमारी के दौरान सीबीआई को लाखों की नगदी मिली थी। इसके बाद जांच एजेंसी ने इन तीनों और शशिकांत की पत्नी श्वेता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में चार्जशीट पेश की। जिसमें बताया गया कि दादरी कंटेनर डिपो में कार्यरत कस्टम उपायुक्त शशिकांत और उनकी पत्नी पर आय से करीब पौने चार करोड़ की अघोषित संपत्ति पकड़ में आई थी। घर में छापेमारी में सोने की ईंट और अन्य जूलरी भी बरामद हुई थी। इस मामले में आदित्य बिरला कंपनी के म्यूचुअल फंड मैनेजर जयंत जांगिड़ ने बताया कि वह गाजियाबाद की राजनगर शाखा में तैनात हैं। उन्होंने कहा कि शशिकांत ने अपने बच्चों के नाम 45-45 हजार के 3 म्यूचुअल फंड लिए थे।

Source: International

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