KYC के बहाने 3500 मोबाइल नंबरों से हो रही ठगी

B- 2019 में 1687 केस साइबर क्राइम के दर्ज हुए, जिनमें 45% मामले पेटीएम के

– इस तरह की ठगी के जिले के अलग-अलग थानों में रोज 4-5 केस दर्ज हो रहे हैं

एनबीटी न्यूज, नोएडा B

बढ़ते साइबर क्राइम से परेशान पुलिस को 3500 मोबाइल नंबर मिले हैं। पिछले साल सामने आए 1687 केस में से 45 पर्सेंट मामले पेटीएम से जुड़े थे। ऐसे में पेटीएम से ही पुलिस ने ऐसे नंबर मांगे थे। कंपनी की तरफ से ये नंबर उपलब्ध कराए गए हैं। पुलिस अब हर नंबर का डेटा निकालकर जांच कर रही है। रोजाना अलग-अलग थानों में साइबर ठगी के इस तरह के 4-5 केस सामने आ रहे हैं। नंबरों की जांच के बाद केस दर्ज किया जाएगा।

पिछले साल साइबर ठगी के पूरे जिले में 1687 केस सामने आए थे। अधिकतर मामले पेटीएम केवाईसी के बहाने रुपये निकालने के थे। कुछ मामलों में ई-कॉमर्स वेबसाइट ओएलएक्स पर भी ठगी की गई, लेकिन रुपये पेटीएम के जरिए ही निकाले गए। पुलिस को पता चला कि अधिकतर मामलों में ग्राहकों ने सबसे पहले पेटीएम से ठगी की शिकायत की थी। कंपनी से इसी शिकायत का डेटा लिया गया है। ग्राहकों ने ठगी का जो नंबर कंपनी को बताया था, उसे शुरुआती तौर पर जांच में शामिल किया गया है। इस तरह के अवैध लेनदेन वाले 3500 मोबाइल नंबरों का डेटा दिया गया है।

Bइस तरह से झांसे में लेते हैं ठगB

अधिकतर मामलों में पता चला है कि ठगों ने पेटीएम केवाईसी एक्सपायर होने का बहाना बनाया। ग्राहकों से कहा गया कि अगर उन्होंने केवाईसी पूरी नहीं कराई तो वॉलेट में पड़ी रकम भी जब्त हो जाएगी। केवाईसी कराने के बहाने एनीडेस्क या टीम व्यूवर ऐप डाउनलोड कराया जाता है। इसके बाद मामूली रकम ट्रांजेक्शन करने का दबाव बनाकर खाते या कार्ड से रुपये निकाल लिए जाते हैं। टीम व्यूवर और एनीडेस्क ऐप डाउनलोड करने के बाद मोबाइल का कंट्रोल ठगों के पास पहुंच जाता है। कई बार ट्रांजेक्शन का लिंक या क्यूआर कोड भी भेजकर रुपये ठगे गए हैं।

Bवर्जनB

3500 मोबाइल नंबरों का डेटा पेटीएम ने दिया है। इनकी जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई होगी।

– अशोक कुमार सिंह, अडिशनल डीसीपी

Source: International

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *