'महंगाई कम कर आयकर लिमिट बढ़ाए सरकार'

बढ़ती महंगाई से निजात पाने के लिए लोग आम बजट से उम्मीदें लगाए बैठे हैं। खाने-पीने की चीजों पर जीएसटी कम करने और आयकर की सीमा को 10 लाख रुपये तक करने की लोग मांग कर रहे हैं। महिलाएं भी अपने बिगड़ते किचन के बजट पर भी चिंता जता रही हैं। Bबजट पर पेश है वरिष्ठ संवाददाता की रिपोर्ट…।B

Bबजट से क्या हैं लोगों की उम्मीदेंB

1 फरवरी को पेश होने वाले बजट से आम पब्लिक महंगाई पर अंकुश लगाने की उम्मीद लगाए बैठी है। वहीं, कारोबारी कुछ वस्तुओं पर जीएसटी को खत्म करने की मांग कर रहे हैं। नौकरीपेशा लोगों का कहना है कि स्टैंडर्ड डिडक्शन की लिमिट को बढ़ाया जाए, ताकि टैक्स कम लग सके।

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एक गृहणी के नाते हमारी यही उम्मीद है कि घर का बजट न बिगड़े। रोजमर्रा की चीजें महंगी न हों। दवाइयां और बच्चों की फीस सस्ती होनी चाहिए, जिससे आम पब्लिक को राहत मिल सके। अचानक चीजों के दाम बढ़ने से परेशानी होती है। जैसे पिछले दिनों प्याज की वजह से बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा। B-सुमन तिवारी, गृहणी

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बढ़ती महंगाई की वजह से हमें रोजमर्रा की वस्तुओं को खरीदने में बहुत समस्या हो रही है। बजट से उम्मीद है कि सीनियर सिटिजन के लिए आयकर लिमिट 10 लाख रुपये की जाए और आयकर रिटर्न से छूट दी जाए। मेडिकल इंश्योरेंस की छूट को एक लाख रुपये कर दिया जाए। B-रविंद्रनाथ, सीनियर सिटिजन

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इस बजट से लघु और मध्यम श्रेणी के व्यापारियों को ज्यादा उम्मीदें हैं। इसके लिए जीएसटी की फाइलिंग को सरल किया जाना चाहिए। बाजार में लिक्विडी का प्रावधान हो। कुछ वस्तुओं पर जीएसटी का रेट भी कम किया जाए। B-विपिन कुमार, सीईओ, परटिनेक्स सॉल्युशन प्राइवेट लिमिटेड

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इस बजट में नौकरीपेशा लोगों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन की लिमिट को बढ़ाया जाना चाहिए, ताकि उनके वेतन कम टैक्स लगाया जा सके। डीजल और पेट्रोल की कीमतों को नियंत्रित किए जाने की बहुत जरूरत है।B -वरुण धीमान, नौकरीपेशा

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Bएक्सपर्ट

Bबजट में सरकार सीनियर सिटिजन के लिए आयकर लिमिट को बढ़ाकर राहत दे सकती है। वहीं, कारोबारियों को जीएसटी की फाइलिंग को सरल करके राहत पहुंचाई जा सकती है। महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए सरकार को कुछ और वस्तुओं का बफर स्टॉक रखने के बारे में विचार करना होगा। जिससे अचानक वस्तुओं के दाम बढ़ने से पब्लिक को होने वाली परेशानी से राहत मिल जाएगी। B-पुनीत सुखीजा, सीए

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Source: International

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