नाली साफ करने वाले पाउडर से बनी थी गैस

सेक्टर 59 में आईटी कंपनी में कर्मचारी की मौत का मामला

कैफेटेरिया के वॉशरूम में जहरीली गैस बनने से हुई थी कैटरिंग सुपरवाइजर की मौत

विशेष संवाददाता, नोएडा

सेक्टर 59 स्थित आईटी कंपनी के वॉशरूम में जहरीली गैस बनने से हुई एक व्यक्ति की मौत के मामले में पुलिस को पता चला है कि सीवर लाइन ब्लॉक होने पर नाली खोलने वाला पाउडर डाला गया था। जिसके बाद वॉशरूम को बंद कर दिया गया था। देर शाम जब कैटरिंग कंपनी के फील्ड सुपरवाइजर सतीश चंद्र वहां गए तो पाउडर से बनी जहरीली गैस से वह और तीन अन्य लोग बेहोश हो गए। जिनमें से सतीश की अस्पताल में मौत हो गई थी। हालांकि अभी यह पता नहीं चल पाया है कि वॉशरूम में ऐसी कौन सी गैस बनी थी, जिससे सतीश की मौत हो गई। जिस पाउडर को ब्लॉकेज खोलने के लिए डाला गया, उसे आधे घंटे तक ही रखना था। बावजूद इसके यह पाउडर करीब 5 घंटे तक नाली में ही पड़ा रहा। जिसके कारण वहां जहरीली गैस बन गई थी।

बता दें कि सेक्टर-59 के सी ब्लॉक स्थित आईटी कंपनी में देर शाम कैफेटेरिया के वॉशरूम में जहरीली गैस से कैटरिंग सुपरवाइजर सतीश चंद्र, कैटरिंग कर्मचारी ईश्वर और हाउस कीपिंग स्टाफ के मुन्ना और रंजीत बेहोश हो गए थे। सभी को सेक्टर 62 स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां सतीश चंद्र को मृत घोषित कर दिया गया था। मुन्ना और रंजीत को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। मृतक सतीश की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह साफ नहीं होने पर बिसरा सुरक्षित रखा गया है।

बेटे ने दर्ज कराया केस

इस मामले में सेक्टर-58 थाना पुलिस ने मृतक सतीश के बेटे सचिन की शिकायत पर केस दर्ज किया है। बुधवार को पुलिस टीम कंपनी में जांच करने के लिए पहुंची। एसओ शावेज खां ने बताया कि कंपनी की तरफ से बताया गया है कि वॉशरूम की लाइन ब्लॉक होने की वजह से नाली खोलने वाला पाउडर डाला गया था। वॉशरूम के बाहर बोर्ड भी लगाया गया था, लेकिन लोगों ने ध्यान नहीं दिया। सबसे पहले सुपरवाइजर सतीश चंद्र के अंदर घुसने की वजह से गैस का उन पर ज्यादा असर हुआ। पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

Source: International

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