घर से स्कूल के लिए निकला, कट्टा लेकर पहुंच गया जामिया

एक संवाददाता, जेवर

दिल्ली के जामिया नगर में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में गुरुवार को मार्च निकालने वालों के बीच कट्टा लहराने वाला युवक जेवर के मोहल्ला घोड़ीवाला का रहने वाला है। कुछ देर तक वह दिल्ली पुलिस जिंदाबाद, भारत माता की जय, जय श्रीराम के नारे लगाने के बाद कट्टे से फायरिंग कर दी। मार्च में शामिल एक युवक को गोली लगी है। गोली चलाने वाला 12वीं का छात्र है। 10वीं की मार्कशीट और आधार कार्ड के अनुसार उसके नाबालिग होने की बात सामने आ रही है। 8 अप्रैल को उसके 18 साल पूरे होंगे। स्कूल जाने के लिए सुबह 8 बजे वह घर से निकला था।

घरवाले रिश्तेदारी में होने वाली एक शादी में जाने की तैयारी कर रहे थे। युवक ने स्कूल जाने की बात कहते हुए शादी में जाने से मना कर दिया। घरवाले समझ रहे थे वह स्कूल गया है। इसी बीच पड़ोसियों ने न्यूज चैनलों पर उसका विडियो देखकर सूचना दी। घरवालों के साथ ही युवक के दोस्त और रिश्तेदार फोन करते रहे, लेकिन उसने बात नहीं की। युवक के एक जानकार ने बताया कि वह फेसबुक देखने के लिए कह रहा था। बोल रहा था, घरवालों का ख्याल रखना, मैं बात नहीं कर पाऊंगा।

B’मानसिक तौर पर बीमार था’B

युवक के परिवारीजनों ने कहा कि वह 15 दिनों से मानसिक तौर पर बीमार था। कभी भी जय श्रीराम के नारे लगाने लगता। अजीब सी हरकतें कर रहा था। उसे दिखाने के लिए किसी डॉक्टर से भी बात की थी। गुरुवार को स्कूल से लौटने के बाद उसे डॉक्टर के पास ले जाने वाले थे। इससे पहले दिल्ली में उसने गोली चला दी।

Bघर की आर्थिक स्थिति ठीक नहींB

गोली चलाने वाले युवक के पिता की परचून की छोटी सी दुकान है। मां एक निजी स्कूल में काम करती हैं। ताऊ की कुछ समय पहले मौत हो गई थी। दादा और चाचा भी परिवार में हैं। युवक का एक छोटा भाई भी है। पूरे घर का खर्च युवक के पिता की दुकान और उसकी मां की नौकरी से चलता है।

B’सबने रोका, लेकिन नहीं माना’B

युवक के दादा ने बताया कि न्यूज चैनलों पर देखकर कुछ लोगों ने उसके दिल्ली में होने की बात बताई। इसके बाद उसे कॉल किया। घर के और भी कई लोगों ने कॉल किया। लेकिन, किसी का भी उसने फोन नहीं उठाया। कभी सोचा नहीं था कि वह दिल्ली जाकर इतना बड़ा काम कर देगा। दिल्ली में हुई घटना के बाद उसके फेसबुक के बारे में पता चला।

Bहिंदुत्व को लेकर भड़क जाता थाB

आसपास के लोगों ने बताया कि युवक हिंदुत्व को लेकर काफी कट्टर था। वह हमेशा हिंदुत्व की पैरवी करता था। कोई उसे समझाने की कोशिश करता तो उससे उलझ जाता। कई बार मुहल्ले के लोगों से भी उसकी ऐसे ही मुद्दों पर बहस हो चुकी थी। दिल्ली जाने से पहले उसने फेसबुक पर लिखा था कि उसे आज कुछ हो जाए तो भगवा वस्त्रों में ही लपेट कर अंतिम संस्कार करें। वह कासगंज में 2 साल पहले निकाली गई तिरंगा यात्रा के दौरान हुई हिंसा में मारे गए चंदन की मौत का बदला लेना चाहता था। फेसबुक पर युवक की तलवार और हथियारों के साथ कई फोटो भी हैं। हालांकि उसका फेसबुक अकाउंट देर शाम तक डिलीट कर दिया गया।

Source: International

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