दवाओं के अभाव में अधिकतर जन औषधि केंद्र बंद

– जिले के केंद्रों में 3 महीने से नहीं हुई दवाइयों की सप्लाई

Bएनबीटी न्यूज, गाजियाबाद

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Bगरीबों को Bसस्ती और अच्छी दवाएं मुहैया कराने के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री जन औषधि योजना अधिकारियों की अनदेखी के चलते जिले में दम तोड़ती नजर आ रही है। जिले के जन औषधि केंद्रों में लगभग 3 महीने से दवाओं की सप्लाई नहीं पहुंची है, जिसके चलते अधिकतर केंद्र बंद हैं। वहीं, औषधि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में वे कुछ नहीं कर सकते हैं। दवाओं की सप्लाई सीधे केंद्र से होती है।

योजना के तहत जिले में 15 केंद्र खोले गए हैं। इनमें से 2 केंद्र जिला एमएमजी अस्पताल और कम्बाइंड अस्पताल में हैं। इनके खुलने से मरीजों को खासी सुविधा हुई थी। योजना में लगभग 700 दवाएं लिस्टेड की गई हैं, लेकिन केंद्रों पर महज 100 तरह की दवाएं पहुंच पाती हैं। एक संचालक ने बताया कि उन्होंने 400 से ज्यादा दवाओं की मांग की थी, लेकिन केवल 70 दवाएं मिलीं। वे भी मांग के अनुरूप नहीं थी। अब ये खत्म हो गई हैं। उसके बाद से अधिकारियों को लगातार मांग भेजी जा रही है, लेकिन सप्लाई नहीं आ रही।

Bकहां से निकले खर्च

Bकेंद्र संचालकों का कहना है कि दवाओं में बहुत कम बचत होती है। इनके जरिए दुकान का किराया और कर्मचारियों का वेतन भी नहीं निकल पाता है। इस पर भी दवाओं की किल्लत। केंद्र खोलने से नुकसान हो रहा है। 2-3 महीने तक दवाओं की सप्लाई नहीं मिलती। ऐसे में दुकान का किराया भी नहीं निकल पाता। सरकार की ओर से अन्य दवाएं बेचने की भी अनुमति नहीं है।

ड्रग सेफ्टी विभाग जन औषधि केंद्र को केवल लाइसेंस जारी करता है। दवाओं की सप्लाई दिल्ली से होती है। केंद्र पर सरकार की ओर से निर्धारित दवाएं ही बेची जाएं, इसकी निगरानी की जाती है। पिछले दिनों निर्धारित दवाओं के अलावा अन्य दवाएं बेचने पर कई स्टोर्स के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। – पूरन चंद, ड्रग इंस्पेक्टर

Source: International

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