किरंदुल की खाने अब बनने लगी है लोगों के लिए जंजाल

अनिल सिंह भदौरिया

किरंदुल अपने लौह अयस्क के लिए मशहूर किरंदुल की बैलाडीला की लव खाया गाने अब वहां के रहने वाले लोगों के लिए जी का जंजाल बनते जा रहे हैं लौह अयस्क के उत्खनन और परिवहन में लगी बड़ी-बड़ी 10 चक्का वाहनों के आवागमन और जहां-तहां बेतरतीब तरीके से खड़े होने के कारण लोगों को आने जाने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. प्रदेश की सरकार ने विकास के नाम पर किरंदुल को तो बहुत कुछ दिया जिसके चलते मुख्य सड़क को गौरव पथ भी बना दिया गया. लेकिन वह गौरव पथ अब केवल ट्रकों के पार्किंग स्थल के रूप में बनकर रह गया है. बड़ी-बड़ी 10 चक्का वाहनों के आने-जाने के कारण सड़क पर आए दिन दुर्घटना का अंदेशा बना हुआ रहता है इसके साथ ही छोटे वाहनों और नगर के रहने वाले लोगों के लिए उस मार्ग पर चल पाना दूभर होता जाता है. विडंबना यह है कि इसी मार्ग से जनप्रतिनिधि और बड़े अधिकारी रोज आना-जाना करते हैं लेकिन वह हालत देखकर भी इसे अनदेखा कर देते हैं. इस और नगरपालिका का भी ध्यान नहीं जाता है और जब आम नागरिक इस बात को लेकर शिकायत करते हैं तो पालिका के अध्यक्ष द्वारा लोगों से अपशब्द कहे जाते हैं जिससे किरंदुल के वार्ड वासी परेशान हैं और समस्याओं के समाधान की बाट जो रहे हैं. नगर पालिका में भर्रा शाही का आलम इतना है कि पालिका अध्यक्ष की दशरथ के जगह उनके सील का प्रयोग करके आदेश जारी कर दिया जाता है जिससे साफ जाहिर होता है कि पालिका और ट्रक चालकों के बीच मिलीभगत का खामियाजा लोग भोग रहे हैं

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