इलाहाबाद विवि में लगातार पांचवे दिन जारी रहा छात्राओं का धरना, कड़े सुरक्षा बंदोबस्त

प्रयागराज
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के महिला छात्रावास परिसर में छात्राओं की सुरक्षा के मुद्दे पर हॉस्टल की छात्राओं का धरना मंगलवार को भी लगातार पांचवे दिन जारी रहा। धरने पर बैठी छात्राओं ने हॉस्टल की वॉर्डन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। फिलहाल जिले में धारा 144 लागू है, लेकिन इसके बावजूद पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह के नेतृत्व में छात्राएं क्रमिक अनशन पर बैठी हैं। छात्राओं ने महिला छात्रावास की वॉर्डन पर उनकी समस्याओं को अनसुना करने का आरोप लगाया है।

छात्राओं का कहना है कि हॉस्टल में कई समस्याएं हैं, लेकिन वॉर्डन से जब शिकायत की जाती है, तो समस्या दूर करने की बजाय उन्हें डराया धमकाया जाता है। प्रदर्शनकारी छात्राओं का यह भी आरोप है कि हॉस्टल की मेस और कमरों की हालत भी खराब है, लेकिन अभी तक यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधाओं के मुद्दे का संज्ञान नहीं लिया है। छात्राओं ने अपनी मांगें ना माने जाने पर आमरण अनशन करने की चेतावनी दी है। छात्राओं के प्रदर्शन को देखते हुए महिला कॉलेज परिसर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

विश्वविद्यालय लगातार दूसरे दिन बंद
वहीं, नागरिकता संशोधन कानून के विरोध को लेकर मचे बवाल को लेकर इलाहाबाद विश्वविद्यालय लगातार दूसरे दिन बंद रहा। विश्व विद्यालय प्रशासन ने ऐहतियात के तौर पर पहले ही मंगलवार को अवकाश घोषित कर दिया था। इसके साथ ही विश्वविद्यालय कैंपस और इसके संघटक कालेजों में होने वाली परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई थीं। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ छात्र-छात्राओं के विरोध प्रदर्शन की आशंका के मद्देनजर विश्वविद्यालय में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई थी। एडीएम सिटी और एसपी सिटी भी पुलिस फोर्स के साथ विश्वविद्यालय के पास ही दिन भर मौजूद रहे।

इलाहाबाद विवि में कोई प्रदर्शन नहीं: एसपी सिटी
एसपी सिटी बृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि मंगलवार को नागरिकता संशोधन कानून को लेकर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रों का कोई विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ। हालांकि, एहतियात के तौर पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के साथ ही संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस फोर्स लगाई गई है। शहर को पांच जोन और आठ सेक्टरों में बांटा गया है और हर छोटी-बड़ी घटना पर नजर रखी जा रही है। रेलवे स्टेशनों, रोडवेज और एयरपोर्ट की भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

Source: International

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