संविधान को मानने वाले, काले कानून को कभी लागू नहीं होने देंगे : दिग्विजय सिंह

भोपाल, 18 दिसंबर (भाषा) नागरिकता संशोधन कानून को ‘काला कानून’ करार देने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर परोक्ष हमला करते हुए वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह ने बुधवार को कहा कि जो लोग भारत के संविधान को मानते हैं , वे इस कानून को कभी भी लागू नहीं होने देंगे।’’ सिंह ने इसके साथ ही बिना किसी का नाम लिए कहा कि मुस्लिम माताओं और बहनों का ध्यान रखने के अलावा ‘‘प्रथम सेवक’’ को ‘‘प्रथम सेविका’’ का भी ध्यान रखना चाहिए। दिग्विजय सिंह ने मोदी की अगुवाई वाली सरकार से उन हिंदू महिलाओं की देखभाल और रक्षा के लिए भी कानून बनाने की अपील की जिनकों उनके पतियों ने छोड़ रखा है। विवादित संशोधित नागरिकता कानून एवं राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के विरोध में यहां इकबाल मैदान में प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा, ‘‘ट्रिपल तलाक पर राज्यसभा में चर्चा हो रही थी। और (भाजपा नेता) कह रहे थे कि हम मुसलमान बहनों एवं माताओं के लिए ट्रिपल तलाक खत्म करना चाहते हैं।’’ उन्होंने आगे कहा, ‘जब मेरा बोलने का मौका आया, मैंने कहा कि हम सब ट्रिपल तलाक के खिलाफ हैं। लेकिन इस देश में ट्रिपल तलाक से प्रभावित कितनी मुस्लिम महिलाएं हैं? मुश्किल से 500 एक साल में। मैंने कहा कि 30 लाख हिन्दू महिलाएं वो हैं जिनको पति ने छोड़ रखा है, जरा उनका भी तो ख्याल करो।’’ दिग्विजय ने किसी का नाम लिए बिना कहा, ‘‘मैंने उनसे (मोदी) कहा- प्रथम सेवक जी (प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी), जरा प्रथम सेविका (मोदी की पत्नी) का भी ख्याल तो रखो।’’ उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘‘मुसलमान माता-बहनों का तो उन्हें : मोदी सरकार : बड़ा ख्याल आ रहा है, लेकिन हिन्दू महिलाओं का भी ख्याल रखो। उनके लिए भी तो कानून बनाओ।’’ नागरिकता संशोधन कानून पर सिंह ने कहा कि जो लोग भारत के संविधान को मानते हैं , वे इस काले कानून को कभी भी लागू नहीं होने देंगे।’’ प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने कहा,‘‘ये (भाजपा) केवल एक बात जानते हैं कि कैसे रोज हिन्दू-मुसलमान करो, रोज हिन्दुस्तान-पाकिस्तान करो, रोज ट्रिपल तलाक की बात करो।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत का संविधान जब लिखा गया तो ये सोचसमझकर लिखा गया था कि भारत में धर्म, जाति सम्प्रदाय के आधार पर कोई भेद नहीं होगा। दिग्विजय ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की विचारधारा अंग्रेजों की तरह ‘बांटो और राज करो’ की है। ये वो विचारधारा है जो इस देश में हिन्दू, मुसलमानों एवं ईसाइयों को अलग करके राजनीति करना चाहते हैं।

Source: Madhyapradesh

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