इंटरनेट सेवा बंद, थम-सा गया शहर

ऑनलाइन कारोबार रहा ठप, फूड डिलिवरी सिर्फ 5 फीसदी

2000 से ज्यादा ट्रक ई-वे बिल नहीं होने के कारण नहीं हुए लोड

वस, गाजियाबाद : नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में हो रहे हिंसक प्रदर्शन को देखते हुए गाजियाबाद प्रशासन ने शुक्रवार को सुरक्षा के मद्देनजर 24 घंटे के लिए सभी इंटरनेट सेवा बंद रखी। पहली बार हुए इस ऐक्शन से आम लोगों भी परेशान भी हुए। सबसे ज्यादा दिक्कत ऑनलाइन फूड ऑर्डर, डिलिवरी और कैब की सेवा लेने वाले लोगों को हुई। इससे जिले का ऑनलाइन कारोबार काफी नीचे चला गया। फिलहाल, शनिवार सुबह 10 बजे तक इंटरनेट सेवा बंद रहेगी।

दरअसल, बड़ी संख्या में रेस्त्रां और फूड स्टॉल जोमैटो और स्विगी जैसे ऐप के माध्यम से फूड डिलिवर करते हैं, लेकिन इंटरनेट बंद होने के बाद इसकी बिक्री 60 फीसदी तक नीचे आ गई। कई स्थानों पर ऑनलाइन पेमेंट न होने से बड़ी संख्या में ग्राहक लौट गए। जोमैटो के अधिकारियों के अनुसार, गाजियाबाद में एक दिन में करीब 7 हजार डिलिवरी की जाती हैं, पर इंटरनेट बंद होने के बाद सिर्फ इंदिरापुरम में रोजाना की 5 फीसदी डिलिवरी हो सकी।

थम गए ट्रकों के पहिए

इंटरनेट सेवा बंद होने का प्रभाव ट्रांसपोर्ट पर भी पड़ा। ई-वे बिल जनरेट नहीं होने से ट्रकों को लोड नहीं किया गया जिससे ट्रांसपोर्टरों को दिक्कत हुई। गाजियाबाद गुड्स ट्रांसपोर्ट वेलफेयर असोसिएशन के उपाध्यक्ष आशीष मैत्रे ने बताया ट्रक के लोड होने पर ई-वे बिल जनरेट करना होता है। इंटरनेट बंद होने से यह कार्य नहीं हो पाया है। 2000 से अधिक ट्रक लोड होने के इंतजार में खड़े हैं।

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बैंको में दिक्कत कम

हालांकि जिले के बैकों में ज्यादा दिक्कत नहीं हुई, लेकिन नवयुग मार्केट और क्रॉसिंग रिपब्लिक के कुछ बैंकों में सर्वर की समस्या आई। एक प्राइवेट बैंक के मैनेजर रितेश सक्सेना ने बताया कि बैंक इंटरनल सर्वर से जुड़े होते हैं। ऐसे उनमें दिक्कत नहीं हुई। एटीएम भी ठीक से काम रहे हैं।

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नहीं मिली कैब

इंटरनेट सेवा बंद होने से सबसे ज्यादा दिक्कत कैब सर्विस लेने वालों को हुई। क्रॉसिंग रिपब्लिक के रहने वाले स्टूडेंट मुकुल भारद्वाज ने बताया कि वह दोस्तों के साथ नोएडा जाने की प्लानिंग कर रहे थे। इंटरनेट नहीं चलने के कारण कैब बुक नहीं हुई। इस कारण उन्हें प्लान कैंसिल करना पड़ा।

हर से काम करने वालों को हुई दिक्कत

जिले में ऐसे भी लोग हैं, जो अपने घर से काम करते हैं और इसमें इंटरनेट का यूज होता है। 24 घंटे के लिए सर्विस के बंद होने से उन्हें भी दिक्कत का सामाना करना पड़ा। कुछ ने कॉल कर काम चलाया तो कुछ का काम पूरी तरह से बंद हो गया।

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हमारे यहां ऑनलाइन डिलिवरी के साथ स्टोर पर कैशलेश सुविधा है। इंटरनेट बंद होने से लोग पेमेंट नहीं कर पा रहे थे। सेल 60 फीसदी से भी नीचे चली गई। -गौरव यादव, डायरेक्टर सेंडवेजिस, आरडीसी

प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाया, लेकिन इंटरनेट सेवा उपलब्ध नहीं होने के कारण दिक्कत हुई। फूड स्टॉल से रोजाना 80 फीसदी होम डिलिवरी होती है। -कमल किशोर, मालगुडी हट, क्रॉसिंग रिपब्लिक

रोजाना 30 से अधिक होम डिलिवरी होती हैं जिससे 600 से 700 रुपये की कमाई होती है। इंटरनेट बंद होने से एक भी डिलिवरी नहीं मिली है। समय से घर से तो निकले, लेकिन ऐप पर ऑनलाइन नहीं हो पाए। सचिन, डिलिवरी बॉय, जोमैटो

मैं किक बॉक्सिंग की कोचिंग देती हूं। बच्चों को वॉट्सऐप पर मेसेज कर टाइमिंग बता देती थी। पूरे दिन में सिर्फ जानकारी देने के लिए 50 से अधिक कॉल करने पड़े। -सोनिका

मेरा कपड़ों की ऑनलाइन सेल का कारोबार है। इसमें वॉट्सऐप के साथ अन्य मोड को भी प्रयोग किया जाता है। इंटरनेट बंद होने से किसी से संपर्क नहीं हो पाया है।- सारिका

Source: International

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