
रेत एवं राखड़ के भारी वाहन ओवरलोड सड़कों पर यातायात नियमों को दे रहे चेतावनी।
अनूपपुर।मध्य प्रदेश शासन के द्वारा नदियों से रेत खनन का ई टेंडरिंग के माध्यम से रेत ठेकेदार को ठेका प्रदान किया जाता है। इसी प्रकार निरंतर वर्षों से मध्य प्रदेश विद्युत मंडल चचाई एवं मोजर बेयर जैतहरी पावर प्लांट से रिजेक्ट कोयले के चूड़े से बनने वाला रखड़ और वाहन मालिकों के द्वारा खुले तौर पर यातायात एवं परिवहन विभाग के अधिकारियों के नाक के नीचे से यातायात एवं परिवहन नियमों का मकौल उडाते हुए सरे आम लोड राखड़ में त्रिपाल लगाए बिना ओवरलोड सड़कों पर तीव्र गति से दौड़ रहे हैं जिसके कारण मार्ग पर चलने वाले छोटे वाहनों के चालकों के साथ दुर्घटना होना आम खास है। उसके साथ कुछ नियम और शर्तें भी बनाई जाती होगी किंतु रेत खनन के सामने और रेत के अवैध परिवहन करने वाले वाहन मालिकों के ऊपर क्या यह नियम और शर्तें लागू नहीं होती जिनके द्वारा रिहायसी एवं आबादी वाली क्षेत्र में मुख्य मार्ग जहां से नगर जनों का आवागमन निरंतर होता रहता है क्या इन्हें ओवरलोड करने की छूट दी गई है या ओवरलोड हाईवा वाहनों में रेत के कण आंखों में झोंकते धूल को रोकने के लिए तीव्र गति से संकीर्ण मार्ग पर ताबड़तोड़ रात दिन बराबर परिवहन किया जा रहा है यह सब तो शासन के मनसा अनुरूप हो रहा है किंतु आम जनमानस को हो रही समस्या बसी आबादी सड़क के किनारे बने भवन व मकान उस पर रहने वाले लोग सड़क में धोखे से बच्चों के खेलने के दौरान किसी आकस्मिक घटना को होने की आशंका इन सब विषम परिस्थितियों को देखते हुए क्या खनिज विभाग यातायात और परिवहन विभाग अपने जिला कार्यालय में बैठकर एसी की हवा लेते हुए जनता की समस्याओं और परेशानियों से दूर-दूर तक वास्ता नहीं देखा जाए तो सरेआम यातायात एवं परिवहन नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है किंतु मुंह दर्शक बने यातायात प्रभारी और परिवहन विभाग के अधिकारी इस प्रकार छुट्टी साधे हुए हैं ऐसा प्रतीत होता है कि इन्हें सड़क की सुरक्षा को लेकर और आम जनमानस की सुरक्षा से अनभिज्ञ होकर अपने उत्तरदायित्व से मुंह छुपा रहे हैं।
रेत खनन का ठेका शासन के द्वारा प्रदत्त किया गया है यह तो अच्छी बात है लेकिन जीवन दायिनी नदियों के बहाव की दिशा एवं नियम के विरुद्ध नदियों में रेत निकालने के लिए पोकलेन मशीन एवं जेसीबी का उपयोग क्या शासन के नियमों में हुआ शर्तों पर दर्ज है नहीं फिर भी सब कुछ जानते हुए भी प्रकृति के साथ और जीवनदायिनी नदियों के बहाव के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
हद तो तब हो गई जब इनके द्वारा रेत संग्रहण स्थल पर रेत तो संग्रहित किया जा रहा है किंतु मुख्य मार्ग के पचासा के अंदर एवं सड़कों पर उड़ रहे धूल को लेकर पानी छिड़काव जैसी व्यवस्था और सड़क के ऊपर रेत के परत दर परत जमाव को लेकर इसकी साफ सफाई ना करना सड़क पर चलने वालों के लिए दुर्घटना को आमंत्रण देने जैसा है।