
बरगवां उरमालिया बंधु पर है कई आपराधिक मामले दर्ज।
जिला प्रशासन की आंख में झोंक रहे धूल और कर रहे अवैध निर्माण कार्य।
अनूपपुर।बड़ी विडंबना है कि अनूपपुर जिले में प्रशासनिक पद पर पदस्थ अधिकारियों को एक किसान की बाउंड्री वॉल तो दिखती है किंतु दूसरी ओर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के बगल से लगी मध्यप्रदेश शासन की भूमि जो की उप स्वास्थ्य केंद्र बरगवां अमलाई की है पूर्व में पंचायत के द्वारा इस भूमि को प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास निर्माण हेतु प्रस्तावित किया गया था किंतु वर्तमान में नगर परिषद के द्वारा नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 01 में निवासरत असामाजिक तत्वों को उस भूमि पर कब्जा कर बाउंड्री वॉल एवं अवैध निर्माण की खुली छूट प्रदान की गई है।
गौरतलब हो की यह भूमि पूर्व में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड सुहागपुर एरिया के द्वारा अधिग्रहित कर ली गई थी और यही से एक गरीब आदिवासी की भूमि भी लगी हुई है कई लक्षणों को जन्म देता यह भूमि एक राज खुलासा करता है जिसमें पूर्व का भ्रष्टाचारी पटवारी अंगद अपनी पुत्री के नाम फर्जी पट्टा बनाकर अब इन कई आपराधिक मामले दर्ज गुंडा तत्वों को भूमि की फर्जी रजिस्ट्री एवं बिक्री की गई है जो की पूर्णत: उपस्वास्थ्य केंद्र बरगवां अमलाई की भूमि से लगा हुआ है ।
ज्ञात हो कि यह असामाजिक तत्व पूर्व में भी मध्य प्रदेश शासन की भूमि खसरा नंबर 103 एवं 104 जो की हनुमान मंदिर के समीप सड़क के उस पार यूकेलिप्टस के वृक्ष लगाकर अवैध कब्जा किया हुआ है। जिस भूमि पर पूर्व में पंचायत के द्वारा मेला वाहन स्टैंड के रूप में उपयोग किया जाता था वह अब इस अवैध कब्जाधारी के द्वारा यूकेलिप्टस पेड़ लगाकर कब्जा किया हुआ है नगर परिषद के जिम्मेदारों की जानकारी में होने के बावजूद भी यह शासन प्रशासन की कार्रवाई से या अवैध रूप से किए गए अतिक्रमण मैं बुलडोजर चलने से बचा हुआ है इसी कारण इसके हौसले बुलंद है इन आसमांजिक तत्व एवं गुंडा प्रवृत्ति के बंधुओ के द्वारा अपनी भूमि से लगे एक हरिजन की भूमि पर उसे डरा धमकाकर कब्जा करने का प्रयास भी उसकी खड़ी फसल में ट्रैक्टर से रौंद दिया गया था जिसका मामला अनूपपुर पुलिस अधीक्षक तक पहुंच चुका था।
इनकी करतूत यही नहीं समाप्त होती कई आपराधिक मामलों को लेकर यह असामाजिक तत्व गुंडो के ऊपर दहेज प्रताड़ना मारपीट पास्को एक्ट छेड़खानी के साथ पत्रकारों के ऊपर हमला के मामले कुछ न्यायालय में विचाराधीन है और कुछ मामलों को लेकर जेल की यात्रा भी कर चुके हैं किंतु इस प्रकार मध्य प्रदेश शासन की भूमि पर अवैध कब्जा कर किए जा रहे बाउंड्री वॉल एवं मकान निर्माण कार्य में रोक ना लगाया जाना जिम्मेदारों की मिली भगत कि आच आ रही है।