
मामला नगर परिषद बरगवा अमलाई।
शहडोल। बरगवां अमलाई नगर परिषद के उप स्वास्थ्य केंद्र की बगल की भूमि मध्य प्रदेश शासन की है लेकिन बिना नगर परिषद के अनापत्ति प्रमाण पत्र के गुंडा अराजक तत्व दबंग रूपयो के दम में व्यवस्थापन की भूमि का फर्जी पट्टा जो कि पूर्व पंचायत हल्का पटवारी अंगद के काली कमाई की कलई खोलता है।
कौन है अंगद पटवारी
बरगवां हल्का पटवारी नंबर 47 में पदस्थ पूर्व पटवारी अंगद वर्षों पहले नशे की हालत में रिकॉर्ड को जलाते हुए अपने द्वारा किए गए भूमि के बंटवारे सीमांकन नामांतरण b1 खसरा पंचसाला में हेर फेर के साथ फर्जी पट्टा बनाकर मध्य प्रदेश शासन की भूमि से लाखों रुपए कमाई किया अभी कुछ दिनों पूर्व व्यवस्थापन की भूमि उप स्वास्थ्य केंद्र के बगल से पुश्तैनी निवासी विशेष बैगा जनजाति की भूमि जॉकी कई वर्षों से माधव पिता दसुवा बैगा के परिवार जनों के द्वारा खेती का कार्य किया जाता रहा है उनकी भूमि को भी इन दबंगों के द्वारा आधे से अधिक खेत पर बाउंड्री वॉल निर्माण कार्य प्रगति पर है गरीब आदिवासी के परिवारजन उनकी दबंगई से भयभीत होकर शिकायत करने में अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे क्योंकि इनके द्वारा बेबस लाचार एवं गरीबों के साथ कई बार मारपीट एवं विवादों को अंजाम दिया जा चुका है जिनमें से कुछ मामले चचाई थाने तक पहुंचे किंतु रूपयो की चमक के सामने सच का बोलबाला ही खत्म हो जाता है और इनके हौसले इस कदर बुलंद है कि अपराध करना इनकी आदत में शुमार हो गया है।
अवैध रूप से कमाए गए रूपयो की चमक के कारण इन्हें शासन प्रशासन कि नियमों को अनदेखा करना और आनंन-फानन में भूमि पर कब्जा करते हुए बाउंड्री बाल निर्माण कार्य संपादित किया जा रहा नगरीय इकाई को या कहें नगर परिषद के जिम्मेदार लोगों की जानकारी में होने के बावजूद भी नगर परिषद चुपी साधे बैठा है और इस गुंडा अराजक तत्व के द्वारा नगर परिषद से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना भी गवारा नहीं समझा कौन है इस अवैध भूमि के पीछे का संरक्षण करने वाला जो सरेआम गरीब आदिवासी की भूमि और मध्य प्रदेश शासन की भूमि के साथ पूर्व पटवारी के द्वारा व्यवस्थापन की भूमि का फर्जी पट्टा बनाकर इन दबंगों को बेचने के नाम पर राजस्व विभाग एवं शासन को गुमराह कर रहा है।
क्या कारण है कि इस प्रकार व्यवस्थापन की भूमि का फर्जी पट्टा एवं विक्रय के मामले में शासन के नुमाइंदों के द्वारा सब कुछ जानते हुए भी अंजान बने हुए हैं।
नक्शे एवं भूमि के सीमांकन में गड़बड़ झाला करते हुए कहीं की भूमि कहीं निकल कर गरीब आदिवासी की खेतों में अवैध कब्जा एवं निर्माण कार्य को तीव्र गति से प्रगति पर कार्य किया जा रहा जिससे उनके इस अवैध निर्माण कार्य में अंकुश न लग सके।