
उत्तर प्रदेश में बांदा सदर सीट से विधायक के चचेरे भाई की कथित रूप से जहरीला पदार्थ खा लेने से मौत हो गई है। पीड़ित के पिता ने आरोप लगाया है कि पुलिस बेटे को शनिवार आधी रात तक चौकी में बैठाए रही, जिससे क्षुब्ध होकर उसने जहर खा लिया।
विधायक प्रकाश द्विवेदी के चाचा दिनेश द्विवेदी ने आरोप लगाया कि उनके बेटे राघवेंद्र द्विवेदी और बांदा शहर के इंदिरानगर निवासी करन सिंह के बीच पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था। इस मामले को निपटाने के लिए शनिवार दोपहर सिविल लाइन पुलिस चौकी में दोनों पक्षों को बुलाया था। लेकिन, पुलिस ने करन सिंह को देर शाम जाने दिया और उनके बेटे को बैठा लिया था।
दिनेश ने कहा, ‘पुलिस की इस कार्रवाई से क्षुब्ध होकर मेरे बेटे राघवेंद्र ने रात करीब साढ़े 10 बजे पुलिस चौकी में ही कोई जहरीला पदार्थ खा लिया। उसकी हालत बिगड़ने पर पुलिस ने उसे इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी मौत हो गई।’ दिनेश ने कहा कि अगर पुलिस लापरवाही न करती और न्याय संगत कार्रवाई करती तो शायद उनका बेटा जहर न खाता।
इस मामले में नगर पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) आलोक कुमार ने कहा, पुलिस चौकी में जहर खाने की बात झूठी है। राघवेन्द्र और करन सिंह के बीच शुक्रवार को विवाद हुआ था। करन सिंह ने राघवेन्द्र के रिश्तेदार की लाइसेंसी बंदूक छीनकर पुलिस को दे दिया था, जिसे पुलिस ने शनिवार को लाइसेंस धारक को वापस कर दिया।
‘मामले की जांच जारी है’
कुमार ने बताया कि इस विवाद में किसी पक्ष ने कोई तहरीर नहीं दी थी और आपसी समझौते की बात कह शनिवार शाम दोनों पक्ष अपने-अपने घर चले गए थे। पुलिस ने किसी को चौकी में नहीं रोका था। उन्होंने कहा कि पुलिस को रविवार सुबह जानकारी मिली कि राघवेंद्र की जहर खाने से अस्पताल में मौत हो गई है। इसके बाद शव का पोस्टमॉर्टम करवाया गया। वहीं, अपर पुलिस अधीक्षक लाल भरत कुमार पाल ने कहा, ‘युवक ने जहर कहां और क्यों खाया, इसकी जांच की जा रही है। परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।’
Source: International