बाबा और मामां का बुलडोजर तो सुना था यह गुप्ता का बुलडोजर कब आया।

गरीब आदिवासी महिला की मकान और जमीन पर चला बुलडोजर।

शहडोल। बाबा का बुलडोजर तो सुना था जो गुंडा अपराधी तत्वों के खिलाफ महिम को लेकर उनके द्वारा किए जा रहे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए उनके मकानों को बुलडोजर से धराशाई किया जाता रहा है वही हाल मामां के बुलडोजर का भी रहा जिनके द्वारा प्रदेश में गुंडा और अराजक तत्वों को उनके द्वारा किए जा रहे आपराधिक अपराध जगत में तानाशाही पूर्ण रवैया एवं गुंडागर्दी उतारने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया गया।

कौन है गुप्ता बुलडोजर वाला।
नगर परिषद बरगवां अमलाई में एक बेवा आदिवासी महिला गरीब की भूमि पर बने मकान और खेत को गुप्ता बुलडोजर वाले ने जमीदोज करते हुए संपूर्ण आदिवासी महिला की भूमि को अपने कब्जे में ले लिया और उस भूमि के चारों तरफ नाली खोद दी गई।

गुप्ता बंधु ने बेच दी अपनी जमीन।
विदित हो कि ग्राम बरगवा निवासी सोमनाथ गुप्ता बड़ा भाई जनार्दन गुप्ता एवं उसके परिवार जनों के द्वारा पूर्व में उसके पिता के द्वारा भूमि को वैध टेक्नो फैब वर्कशॉप के मालिक को जो उस आदिवासी महिला की भूमि के बगल से संचालित है उसे विक्रय कर दिया गया था इस भूमि का मामला हाई कोर्ट जबलपुर तक वेवा महिला के ससुर मुंडूल बैगा के द्वारा लड़ा गया देसी के रूप में और अदालत से फैसला पक्ष में न होने के कारण गुप्ता बंधु मौके की तलाश में अकेली महिला को देखकर अब उसे भूमि पर अवैध कब्जा कर लिए हैं।

नगर परिषद की नजरों के सामने हो रहा अवैध अतिक्रमण व कब्जा।

नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी के साथ जनता के हितैषी बनने वाले लोग एक गरीब के साथ हो रहे अन्य को देखकर भी सरेआम उसकी भूमि पर बने मकान और खेत को जेसीबी के माध्यम से जमीदोज करते हुए समतल कर कब्जा किया जाता रहा लेकिन नगर परिषद के अधिकारी कर्मचारी और जनप्रतिनिधि धृतराष्ट्र की भूमिका निभाते रहे।

वेवा महिला की पुकार राजस्व विभाग एवं जिला प्रशासन कर रहा अनसुनी।

नगर परिषद अंतर्गत निरंतर आदिवासी समुदाय की भूमि पर हो रहे अवैध कब्जे को लेकर नगर परिषद की निष्क्रियता इस और इंगित करती है कि इन अवैध कब्जाधारियों के ऊपर नगर परिषद के जिम्मेदारों का संरक्षण प्राप्त है इस प्रकार जगह-जगह गरीबों की भूमि पर बड़े-बड़े बाउंड्री बाल और नाली निर्माण कार्य कब्जा करने की नीयत से बनाए जा रहे हैं किंतु नगर परिषद बरगवां अमलाई के जिम्मेदारों का इस अवैध कब्जे में सा होने की आशंका जताई जा रही है क्योंकि इससे पूर्व एक छोटे से निर्माण कार्य को लेकर नोटिस देना और भू स्वामी को परेशान करना इनकी आदत में शुमार था किंतु मध्य प्रदेश शासन की भूमि और विशेष बैगा जनजाति की भूमि को घेरने और कब्जा करने की समय चुपी साधे बैठे हैं।

नगर परिषद में अवैध निर्माण और कब्जे धारियों की भरमार।
देखा जाए तो संपूर्ण नगर परिषद क्षेत्र में अवैध रूप से भवन का निर्माण, बॉडी का निर्माण, बाउंड्री वालों का निर्माण एवं भव्य एवं आलीशान मकान के साथ बड़ी-बड़ी दुकान परिसर कॉम्प्लेक्स बनाकर कब्जा किए गए हैं। जिसमें मध्य प्रदेश शासन की भूमि की अधिकता कहीं पर मेला मैदान के लिए संरक्षित भूमि वाहन नीलामी स्टैंड के लिए अधिकृत भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करते हुए यूकेलिप्टस के पेड़ लगाए गए हैं तो कहीं मध्य प्रदेश शासन की भूमि उप स्वास्थ्य केंद्र के बगल में जहां पर स्वास्थ्य केंद्र के लिए संरक्षित भूमि पर अवैध कब्जा करते हुए भव्य बाउंड्री वॉल का निर्माण तो कहीं बाजार स्थल के लिए सुरक्षित भूमि पर अवैध कब्जा करते हुए बड़े-बड़े मकान निर्मित किए हुए हैं । वर्तमान में बाजार भूमि को संकुचित एवं संकीर्ण कर दिया गया है।यही नहीं साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड सुहागपुर के द्वारा अधिग्रहित भूमि या उनके कॉलोनी में बने श्रमिक क्वार्टर में अवैध रूप से कब्जा कर वर्षों से उसका उपयोग कर रहे अवैध कब्जाधारी एवं ओरिएंट पेपर मिल कागज कारखाना की भूमि जो उद्योग की स्थापना के समय अधिग्रहित किए गए थे उद्योग के उपयोग के लिए वह भूमि भी इन अवैध कब्जाधारियों से सुरक्षित नहीं है उसे पर भी कब्जा कर मकान और दुकान बनाकर वर्षों से शासन की नजरों में धूल झोंक रहे हैं। अभी वर्तमान में नवीन नगर परिषद के लिए कार्यालय निर्माण हेतु निर्धारित की गई मध्य प्रदेश शासन की भूमि 7 एकड़ जिसमें से आधे से अधिक भूमि पर अवैध कब्जा करते हुए परिसर (कॉम्प्लेक्स) का निर्माण किया गया है किंतु प्रशासनिक कार्यवाही न होने के कारण इनके हौसले इतने बुलंद हो गए हैं की अब की स्थिति में नवीन नगर परिषद निर्माण कार्य मध्य प्रदेश शासन की बची कुची भूमि 2 एकड़ भी कब्जे की कगार पर है।

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