आर आई राजस्व निरीक्षक के कारनामे से सरहदी काश्तकार भू स्वामी हुए परेशान।

2 एकड़ की जगह तीन एकड़ भूमि का नक्शा तरमीम सोची समझी साजिश आर आई के द्वारा।

इंट्रो -: फर्जी नक्शा तरमीम एवं फर्जी रजिस्ट्री कराकर भू स्वामी के गुंडा अराजक तत्व पुत्रों के द्वारा सरहदी काश्तकार एवं भूमि स्वामियों को धमकी देते हुए उन्हें बिना किसी सूचना के नक्शा तरमीम की कार्यवाही को पूर्ण कर लिया गया और बड़ी तेजी के साथ दो एकड़ भूमि की जगह अन्य सरहदी काश्तकारों की भूमि को कब्जा करते हुए एवं मध्य प्रदेश शासन की भूमि खसरा नंबर 440/2 में अन्य भू स्वामियों को पीछे करते हुए मार्ग बाधित किया गया और बड़ी तेजी के साथ 3 एकड़ भूमि संपूर्ण मध्य प्रदेश शासन की भूमि पर बाउंड्री वॉल खड़ी कर दी गई। कौन है यह गुंडा और अराजक तत्व जिनके द्वारा पूर्व में कई आपराधिक मामले थाने में और न्यायालय में विचाराधीन है कुछ मामलों को लेकर पूरा परिवार जेल की यात्रा भी कर चुका है। जिनके ऊपर दहेज प्रताड़ना दहेज की मांग के तहत छेड़खानी करने पर पासको एक्ट एवं मारपीट गुंडागर्दी के कई मामले कुछ थाने तक पहुंच कर वापस और कुछ न्यायालय में विचाराधीन और छोटे-मोटे अपराध मारपीट विवाद तो उनकी दिनचर्या में शामिल है। इसके अलावा एक हरिजन की भूमि पर खड़ी फसल को रात के अंधेरे में ट्रैक्टर चला कर रौंद दिया गया यह मामला भी इन गुंडा अराजक तत्वों के कारण सुर्खियों में रहा। एक प्रतिष्ठित अखबार के प्रतिनिधि एवं भाजपा ग्रामीण मंडल अनूपपुर के मीडिया प्रभारी बृजेंद्र कुमार मिश्रा के ऊपर भी प्राण घातक हमला किया गया जिसके कारण इनके हौसले इतने बुलंद हो गए हैं की शासन प्रशासन की भूमि पर टेंट लगाकर गुंडागर्दी के साथ अवैध रूप से बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य किया गया। इस प्रकार किया जा रहे अवैध निर्माण कार्य और अपराध करने के लिए बुलंद हौसले को पास करने के लिए शासन प्रशासन को तगड़ी कार्यवाही करनी चाहिए।

बरगवां शहडोल।नगर परिषद बरगवां अमलाई अंतर्गत वार्ड क्रमांक 05 उप स्वास्थ्य केंद्र मध्य प्रदेश शासन की भूमि खसरा नंबर 440/2 में राजस्व निरीक्षक अनूपपुर नत्थू लाल कोरी के द्वारा मध्य प्रदेश शासन की भूमि में फर्जी तरीके से आदिवासी गुहिरा पिता मधई की भूमि को जिसमें दो एकड़ 20 डिसमिल जमीन आदिवासी परिवार के नाम दर्ज था जिसमें सन 1988- 89 में अनुभागीय अधिकारी राजस्व अनूपपुर के द्वारा भू अभिलेख पट्टा प्रदान किया गया था किंतु ग्राम हल्का पटवारी अंगद के द्वारा आदिवासी की संपूर्ण भूमि अपने पुत्री के नाम परिवर्तित कर लिया गया और उसे भूमि को भूमि स्वामी किसी कुशवाहा को विक्रय कर दिया गया जबकि व्यवस्थापन की भूमि में ना तो भू अभिलेख पट्टा बन सकता है और ना ही उसकी रजिस्ट्री हो सकती है या फिर कहा जाए तो व्यवस्थापन की भूमि की विक्रय पर पूर्णत: प्रतिबंध होने के बावजूद इस प्रकार राजस्व भू अभिलेख आदर्श संहिता के नियमों की सरे आम अनदेखी एवं उल्लंघन करते हुए फर्जी पट्टा एवं रजिस्ट्री के कार्य को संपादित किया गया तदुपरांत साधना उरमालिया के नाम भूमि विक्रय कर आर आई राजस्व निरीक्षक नत्थू लाल कोरी के द्वारा मध्य प्रदेश शासन की भूमि 440/2 का नियम विरुद्ध तरीके से नक्शा तरमीम की कार्यवाही को संपन्न किया गया जबकि सन 1990 में भू राजस्व संहिता अधिनियम के अनुसार व्यवस्थापन की भूमि का पत्ता रजिस्ट्री एवं विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध कर दिया गया था किंतु सन 1998 में तत्कालीन हल्का पटवारी अंगद के द्वारा व्यवस्थापन की भूमि अपने नाम कर विक्रय भी किया गया और रजिस्ट्री भी कर दी गई।
जबकि किसी भी भूमि के नक्शा तरमीम के समय सरहदी काश्तकार एवं भूमि के भू स्वामियों को सूचना देते हुए उनकी उपस्थिति पर नक्शा तरमीम की कार्रवाई को संपादित करना चाहिए लेकिन राजस्व निरीक्षक नत्थू लाल कोरी के द्वारा उप स्वास्थ्य केंद्र से लगे मध्य प्रदेश शासन व्यवस्थापन की भूमि में 2 एकड़ भूमि की जगह 3 एकड़ भूमि का नक्शा तरमीन कर दिया गया जिसके कारण मध्य प्रदेश शासन के 440/2 की भूमि पर अन्य काश्तकार एवं कृषको को इस प्रकार किए गए अनैतिकृत के कारण परेशान होना पड़ रहा है नियमत: देखा जाए तो मध्य प्रदेश शासन की भूमि जहां भी स्थित है सर्वप्रथम शासन की भूमि का नक्शा तरमीम किया जाना चाहिए उसके बाद ही अन्य भू स्वामियों की भूमि का नक्शा तरमीम होना चाहिए किंतु ऐसा ना कर आर आई राजस्व निरीक्षक कोरी के द्वारा साधना उरमलिया नामक महिला भू स्वामी को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया

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