
अकुशल एवं अनट्रेंड आसपास के तैनात गार्डों का कर रहे शोषण।
मामला ओरिएंट पेपर मिल्स कागज कारखाना के सुरक्षा विभाग का।
शहडोल(ब्रजेन्द्र मिश्रा )सच बोलने का साहस और सलीका सिखा रहे हैं ओरिएंट पेपर मिल्स कागज कारखाना के सुरक्षा अधिकारी मनजीत सिंह और उनके सहयोगी अधिकारी पीके सिंह जो स्वयं गले तक सुरक्षा गार्ड की तैनाती को लेकर और उनके कार्य से संबंधित कंपनी प्रबंधन द्वारा दी जाने वाली सुविधाएं चाहे वह पी एल छुट्टी हो जो वर्ष में सात दिवस के लिए दिया जाता है या फिर कैजुअल लीव (सी एल) जो वर्ष में 14 दिवस के लिए कार्यरत मजदूर व कर्मचारियों को देने का श्रम विभाग के द्वारा प्रावधान है सच और सिस्टम की बात करते हुए अपने कार्यशैली की दुहाई झूठ तरीके से ओरिएंट पेपर मिल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सीईओ की आवभगत एवं चापलूसी करने में पूरा दिन व्यतीत कर अपने ऑफिस से निकलने का नाम नहीं लेते। श्रम विभाग एवं मजदूर कल्याण मंत्रालय के द्वारा निर्धारित मजदूरी भुगतान एक दिवस का 391 रुपए की जगह अपने मन मुताबिक और कमीशन खोरी करते हुए निर्धारित मजदूरी भुगतान में से सिर्फ 300 रुपए ही भुगतान किए जाते हैं एवं 8 घंटे ड्यूटी लेने के लिए नियम एवं कानून सशक्त बनाए गए हैं।सुरक्षा विभाग के तहत तैनात सुरक्षा गार्ड् से 12 घंटे ड्यूटी लिए जाते हैं ओवर टाइम के नाम से फर्जी उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज कर डबल मिलने के प्रावधान को सिंगल के रूप में भी उन्हें वेतन भुगतान नहीं किया जाता एवं कंपनी प्रबंधन को प्रतिमाह लाखों का चूना लगाते हैं यही नहीं इतने गार्ड्स की तैनाती एवं ड्यूटी लगाने के बावजूद भी चोरी की वारदातों में कमी नहीं आ पा रही है इसके पूर्व उद्योग प्रबंधन के सुरक्षा अधिकारी के द्वारा जहां कार्य स्थल पर दो गार्ड्स की तैनाती की जाती थी इनके द्वारा तीन या चार गार्डो को तैनात किया जाता है फिर भी उद्योग के अंदर होने वाली सुरक्षा और बाहर की व्यवस्थाओं में वारदात एवं चोरी की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही है। जब से सुरक्षा अधिकारी के तौर पर ओरिएंट पेपर मिल अमलाई कागज कारखाना ने इनको सुरक्षा की जिम्मेदारी दी है तब से आज दिनांक तक कभी ना कभी कहीं ना कहीं उद्योग के अंदर दुर्घटना व स्वयं उनके द्वारा आसपास के अकुशल एवं अनट्रेंड जिन्हें बिना किसी ट्रेनिंग के भर्ती करते हुए रेल रैक या अन्य किसी अति संवेदनशील प्लांट में भेज कर दुर्घटना का शिकार कराया गया यही नहीं आसपास के युवा बेरोजगारों सुरक्षा गार्ड के रूप में भर्ती कर उनका निरंतर शोषण किया जा रहा है।
अभी कुछ दिनों पूर्व इनके द्वारा भर्ती किए गए गार्ड्स के कारनामे सुनने को मिले थे जिसमें इनके गार्ड के द्वारा कदाचरण एवं अनुशासनहीनता करते हुए पकड़े गए जिसकी वजह से उन्हें तत्काल कार्य से हटा दिया गया।
इनसे पूर्व भी हरियाणा राज्य से हनुमान शर्मा नाम के सुरक्षा अधिकारी की भर्ती उद्योग प्रबंधन के द्वारा किया गया और उद्योग की सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रदान की गई जिनके द्वारा उद्योग के द्वारा संचालित गौशाला एवं सुरक्षा विभाग की जिम्मेदारी को निर्वहन करने में फेल हो गए और उद्योग की सुरक्षा तीतर बितर हो गई गौशाला आज की स्थिति में बंद पड़ा है।