
शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय विद्या नगर, किरंदुल में प्रथम बार पालको शिक्षकों और जन प्रतिनिधियों की हुई’’मेगा’’ बैठक।
जितेन्द्र कुमार गुप्ता की रिपोर्ट।
दंतेवाड़ा, 06 अगस्त 2024। जिले में शैक्षणिक वातावरण को उत्कृष्ट बनाने के साथ साथ पालकों और शिक्षकों की इसमें भूमिका को नये सिरे से आंकलन हेतु आज संपूर्ण जिले के शासकीय स्कूलों में पालको और शिक्षकों की मेगा बैठक का आयोजन किया गया। और इस आयोजन में पहली बार अन्य विभाग प्रमुखों एवं जन प्रतिनिधियों को भी शामिल कर बैठक को वृहद रूप दिया गया। इस संयुक्त विचार मंथन का प्रमुख उद्देश्य जिले में शिक्षा के स्तर को और भी बेहतर बनाने के लिए सामूहिक भागीदारी तय करना मुख्य था।जैसा कि विदित है कि एक पूरी पीढ़ी में एक सकारात्मक बदलाव हेतु शिक्षा से बड़ा कोई माध्यम नहीं है। चूंकि प्राथमिक शालाओं से ही दिया गया शैक्षणिक ज्ञान और वातावरण ही बालकों के भावी जीवन की आधारशिला रखता है। इस कड़ी में आज शा. कन्या उच्चतर मा. शाला विद्यानगर किरंदुल मे SMDC अध्यक्ष श्री अतुल सिंह, श्री शैलेन्द्र सिंह, श्री नकुल सरकार, विधायक प्रतिनिधि श्री जितेंद्र गुप्ता ,पार्षद श्री राम किशोर ठाकुर , श्री अमृत टंडन कोड़ेनार पंचायत सरपंच श्रीमती मीना मंडावी, वरिष्ठ पत्रकार श्री राजेंद्र सक्सेना ने पहुंचकर पालकों और शिक्षकों के मेगा बैठक में सम्मिलित हुए।
इस क्रम में आयोजित बैठक में शहरी संकुल समन्वयक श्री शंकर चौधरी सेवा निवृत शिक्षक श्री राजेंद्र चौहान, प्रचार्या श्रीमती उमा ठाकुर,शिक्षक श्री थैलेश ठाकुर,श्रीमती पुष्पा सिंह, सुनीता मरकाम, हेमलता सिन्हा, लक्ष्मी नेताम एवम अन्य शिक्षक गण उपस्थित थे।
इस दौरान बैठक के अन्य एजेंडों में चर्चा करने के उपरांत उन्होंने पालकों से आग्रह किया।कि बच्चों को पढ़ाई का सही माहौल देने के लिए शाला प्रबंधन के साथ-साथ पालकों की भी बड़ी जिम्मेदारी है। इस संबंध में पालक बच्चों से मध्यान्ह भोजन के वितरण, उनके खानपान के विषय में निरंतर जानकारी लेवे। ताकि बच्चों के शारीरिक विकास की निगरानी हो। इसके अलावा शालाओं की छुट्टी के दौरान यहां प्रयास करें कि बच्चों की पढ़ाई करने के लय बरकरार रहे। इसके अलावा रोजाना बच्चों की पढ़ाई,दिनचर्या से संबंधित जानकारी लेते रहे ताकि बच्चा खुलकर अपने पालकों से अपनी समस्या के बारे में अवगत करा सके।
आज संपूर्ण जिले के शासकीय शालाओं में संपन्न हुई पालक शिक्षक और अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों के इस बैठक में प्रमुख एजेंडे में छात्रों के शैक्षणिक विकास से संबंधित विभिन्न विषय वस्तु जैसे ‘‘मेरा कोना‘‘ अर्थात बच्चों की पढ़ाई के लिए उचित वातावरण हेतु घर में ही पढ़ाई का एक कोना अथवा एक निश्चित स्थान तय करना,बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि विकसित करने हेतु, समय-सारणी निर्धारण,छात्र अपने बच्चों की दिनचर्या सुनिश्चित करने संबंधी विषय प्रमुख थे। इसके साथ ही पालको यह आग्रह किया गया कि वे बच्चों की अध्ययन गतिविधियों पर लगातार रूचि रखे जैसे जब बालक विद्यालय से घर पहुंचे तो अभिभावक उनसे जरूर यह पुछे कि उन्होंने आज विद्यालय में क्या पढ़ा और क्या सीखा, क्योकि अभिभावकों की बच्चों की शिक्षा में सहभागिता बढेगी तब ही बच्चों के साथ बेहतर संवाद स्थापित हो पायेगा।
इसके साथ ही बैठक मे कहा गया कि कक्षाओं में बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से विद्यालय में प्रतिदिन होने वाले प्रार्थना सभा में उन्हें अपने विचार अभिव्यक्त करने का अवसर प्रदाय किया जाये। इससे छात्रों में स्वाभाविक रूप से रहने वाले झिझक की भावना दूर होगी। बच्चों की अकादमिक प्रगति एवं परीक्षा पर चर्चा और बेहतर तैयार कर अच्छे अंक लाने के लिए प्रोत्साहन, परीक्षा के समय में बच्चों को संतुलित आहार तथा पर्याप्त नींद लेने व परीक्षा का तनाव न लेने के लिए उनसे लगातार संवाद करने, बच्चों को पुस्तक की उपलब्धता, जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों सहित अधिकारी-कर्मचारी से अपने पास रखे पढ़ने लायक विभिन्न प्रकार के किताबों को भी दान करने, बस्ता रहित शनिवार दिवस को विभिन्न गतिविधियों यथा- कबाड़ से जुगाड, पानी बचाओ, धरती बचाओ, ऊर्जा संरक्षण, एकल प्लास्टिक कोना, पेड़ पौधों का संरक्षण, प्राकृतिक संपदाओं का सदुपयोग करना, नैतिक शिक्षा की जानकारी, योगा एवं शारीरिक क्रियाएं, स्वच्छता पर विशेष ध्यान, व्यक्तिगत साफ-सफाई, किचन गार्डन, खेल-कूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि विभिन्न आयोजन,विद्यार्थियों के आयु,कक्षा अनुरूप स्वास्थ्य परीक्षण एवं पोषण की जानकारी, विद्यालय में छात्रों के लिए जाति,आय,निवास प्रमाण पत्र बनाने, ‘‘न्योता भोज‘‘ की अवधारणा,विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं एवं छात्रवृत्ति योजनाओं के संबंध में छात्रों को अवगत कराने, विभिन्न डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से शिक्षा हेतु पालकों एवं छात्रों को जानकारी देने के संबंध में भी पालकों, शिक्षको और अधिकारियोंतथा जन प्रतिनिधियों के मध्य गहन विचार विमर्श किया गया।
विद्यालय परिसर मे आए अतिथियों के द्वारा एक पौधा मां के नाम लगाया गया।