
13 लाख 14 हजार की मोटी रकम अजगर के पेट में समा रहा है प्रतिमाह
शहडोल। एशिया का ख्याति प्राप्त कागज कारखाना ओरिएंट पेपर मिल अमलाई जहां पर सुरक्षा की दायित्व का निर्वहन मोरल सिक्योरिटी फोर्स के द्वारा किया जा रहा है ओरिएंट पेपर मिल के सुरक्षा अधिकारी मनजीत सिंह और प्रमोद कुमार सिंह से पूछे जाने पर की मोरल सिक्योरिटी फोर्स के तैनात गार्डों की जिम्मेदारी किसके पास है तो उनका कहना है कि हम सिर्फ कंपनी रूल के आधार पर काम करते हैं सुरक्षा गार्ड्स की तैनाती और ड्यूटी लेते हैं बाकी काम जो है इस सुरक्षा एजेंसी के ठेकेदार की है जबकि सुरक्षा अधिकारी ओरिएंट पेपर मिल मनजीत सिंह के द्वारा सिक्योरिटी फोर्स के अनट्रेंड गार्ड को 8 घंटे ड्यूटी की जगह 12 घंटे उनसे कार्य लिए जाते हैं जहां पर कंपनी प्रावधान के अनुसार कंपनी के अंदर कार्यरत ठेका श्रमिक कुशल श्रमिक सुरक्षा गार्ड 8 घंटे के अलावा अगर उनसे कार्य लिया जाता है तो वेतन का डबल देना होगा जैसे 8 घंटे ड्यूटी करने के बावजूद 4 घंटे अलग से कार्य पर लिया जाता है टोटल 12 घंटे ड्यूटी लेने के बाद एक दिन का वेतन 8 घंटे का 391 और 4 घंटे ओवर टाइम करने का 8 घंटे का वेतन प्रदान किया जाता है किंतु इनके द्वारा 12 घंटे इन सुरक्षा गार्ड्स से ड्यूटी ली जाती है और माह का 15000 रुपए वेतन के रूप में प्रदान किया जाता है जबकि नियमानुसार श्रम विभाग के कानून के आधार पर इनका मासिक वेतन 23700 होता है किंतु जब वेतन भुगतान का समय आता है और कंपनी के तैनात सुरक्षा अधिकारियों से इस विषय पर सवाल किए जाते हैं तो उनके द्वारा जनप्रतिनिधियों पत्रकारों को गुमराह किया जाता है और यह कह दिया जाता है कि मोरल सिक्योरिटी सर्विस के सुरक्षा गार्ड्स के वेतन की जिम्मेदारी हमारी नहीं है हम सिर्फ उनसे काम लेने के लिए यहां पर बैठे हुए हैं।
विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक मिली जानकारी के अनुसार इन तैनात सुरक्षा गार्ड्स का एक दिवस का वेतन 12 घंटे का 500 रुपए कंपनी प्रबंधन के द्वारा सुनिश्चित किया गया है जबकि 12 घंटे का 1 दिन का वेतन भुगतान 782 रुपए होते हैं किंतु ओरिएंट पेपर मिल कंपनी के सुरक्षा अधिकारी मनजीत सिंह के द्वारा बची हुई शेष राशि 8760 रुपए सुरक्षा गार्ड्स को ना मिलकर किसके जेब में जाता है। जबकि टोटल पूरे माह का वेतन 23760 रुपए होते हैं फिर कौन है जो युवा बेरोजगार एवं गरीब बेबस लचार रोजगार के अभाव में मजबूर लोगों का शोषण कर रहा है।
उद्योग के अंदर लगभग 150 गार्ड तैनात किए जाते हैं जिनका मासिक वेतन 35 लाख 19 हजार रुपए होते हैं लेकिन कंपनी प्रबंधन के द्वारा एमएसएफ सुरक्षा गार्ड् को माह में सिर्फ 150 गार्डों का 22 लाख 50000 रुपए मात्र ही प्रदान किए जाते हैं अब सवाल यह उठता है कि 13 लाख 14 हजार रुपए की राशि जो कंपनी के द्वारा प्रदान की जाती है वह किसके जेब में जाती है और कौन है जो एक मोटी रकम कमीशन के तौर पर प्रतिमाह अपने जेब के अंदर कर रहा है और वर्ष में करोड़ों रुपए का चुना उद्योग प्रबंधन को लगा रहा है।
ओवरटाइम भविष्य निधि और राज्य कर्मचारी बीमा की राशि के साथ कर रहे खेला
श्रम विभाग के द्वारा निर्धारित मजदूरी भुगतान के अनुरूप इन तैनात सुरक्षा गार्ड्स का वेतन भुगतान न करते हुए कम से कम वेतनमान दर्शाकर कंपनी प्रबंधन और सुरक्षा एजेंसी के ठेकेदार की मिली भगत से मजदूरों का भविष्य निधि राशि हजम कर लिया जा रहा है जबकि नियमत एक माह में चार दिन रेस्ट के रूप में अवकाश प्रदान करने की व्यवस्था श्रम विभाग के द्वारा निर्धारित की गई है किंतु सुरक्षा एजेंसी और कंपनी प्रबंधन के सुरक्षा अधिकारी की मिली भगत से पूरे 30 दिन तक इन गार्डों से ड्यूटी लिया जाता है और उनके एक माह के संपूर्ण वेतन मान 23 460 रुपए के हिसाब से भविष्य निधि की राशि सुरक्षा एजेंसी के माध्यम से 2815 रुपए और कंपनी के द्वारा अपने अंश के रूप में 2815 रुपए की राशि सम्मिलित कर कुल इनके खाते में 5630 रुपए की राशि जमा करनी चाहिए किंतु ऐसा ना कर इनके द्वारा निर्धारित भविष्य निधि की राशि को छोड़कर अपने मन मुताबिक सुरक्षा एजेंसी के ठेकेदार के द्वारा 18 सो रुपए और कंपनी के द्वारा 1800 रुपए जमा कर कुल 3600 रुपए की राशि जमा की जाती है बाकी बची हुई राशि 2030 रुपए की राशि कहां जाती है और माह का 150 गार्डों का 304500 तीन लाख पैतालीस सौ कहां जाता है।
सी एल और पी एल फेस्टिवल हॉलीडे की राशि हजम।
कंपनी नियम एवं श्रम विभाग के अनुसार निर्धारित कार्यरत मजदूरों को वर्ष में पी एल छुट्टी के तौर पर 12 दिन और सी एल छुट्टी के रूप में सात दिवस की छुट्टी प्रदान की जाती है किंतु सुरक्षा एजेंसी सुरक्षा गार्ड् को लेकर उनसे माह में 30 दिन ड्यूटी लेती है जो वर्ष में 360 दिन होता है और इन सभी छुट्टियां को मिलाकर पीएल छुट्टी की राशि 4692 रुपए एक गार्ड का और सी एल की छुट्टी की राशि 2737 रुपए एक गार्ड का होता है। लगभग उद्योग के अंदर तैनात 150 गार्ड का एक वर्ष का पी एल छुट्टी की राशि 7 लाख 3800 होता है सी एल छुट्टी की की एक वर्ष की राशि चार लाख 10 550 रुपए होता है और वर्ष में हॉलीडे फेस्टिवल के रूप में 9 दिन छुट्टी के तौर पर प्रदान किया जाता है और उसकी राशि 3519 रुपए भी हजम कर लिया जाता है और पूरे वर्ष का 150 गार्डों का वर्ष भर में 527850 सुरक्षा एजेंसी और कंपनी प्रबंधन के अधिकारियों की मिली भगत से उनके हक की और दिन-रात खून पसीने एक कर मेहनत करने वाले मेहनतकश मजदूर के हक में डाका डाला जा रहा है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि इतने वर्षों से उद्योग प्रबंधन के द्वारा मजदूरों को दी जाने वाली सुविधाओं और छुट्टियों के नाम पर लाखों करोड़ों रुपए कहां जाते हैं और किसके जेब में शोभा बढ़ाते हैं यह जांच का विषय है।
इनका कहना है।
ओरिएंट पेपर मिल सुरक्षा अधिकारी मनजीत सिंह के मोबाइल नंबर 8817 4101 28 पर संपर्क कर जानकारी लेने की कोशिश की गई और उनके द्वारा मोबाइल रिसीव करते हुए पूछने पर यह कहा गया कि मैं इस विषय पर कोई बात नहीं करना चाहता हूं अभी अर्जेंट मीटिंग में जा रहा हूं।