
मुख्य आरोपी द्वारा गुंडों के माध्यम से की जा रही हत्या की कोशिश
पलारी पुलिस पर उठ रहे सवाल, घटना को गंभीरता से नहीं ले रहे
बलौदाबाजार। पलारी थाना क्षेत्र में विगत दिवस एक मारपीट की घटना ने स्थानीय लोगों के बीच चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। जिसमें पलारी पुलिस द्वारा मुख्य आरोपी के नाम पर रिपोर्ट दर्ज नहीं करके आरोपी को संरक्षण दिया जा रहा है। पलारी पुलिस की इस भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। आरोपी को संरक्षण मिलने से भविष्य में किसी की जान गंवानी पड़ सकती हैं।
दरअसल सिसदेवरी निवासी शेखर चन्द्राकर पिता महेश चन्द्राकर आनंद हास्पिटल पलारी में लैब टेक्नीशियन के तौर पर कार्यरत हैं । 26 अगस्त को शाम 6.30 बजे शेखर पलारी से अपने घर सिसदेवरी जा रहा था तभी रास्ते में पठारीडीह के तालाब के पास बलौदाबाजार शुक्लाभाटा निवासी अभय निर्मलकर जो मुख्य आरोपी जिमी निर्मलकर का साथी है और अन्य दो गुंडे उसके गाड़ी के सामने में अपना गाड़ी खड़ा करके शेखर के गाड़ी का चाबी छिन लिये और उससे मारपीट करके सिर फोड़ दिये तभी ग्रामवासियों को रास्ते से आते देखकर वे सभी भाग निकले। यह घटना जिमी निर्मलकर के द्वारा अपने साथी के माध्यम से कराया जा रहा है। आरोपियों के साथ 8-9 अन्य साथी भी आये थे जो दूर खड़े होकर देख रहे थे। गांव वालों को आते देखकर ये अपना एक मोटरसाइकिल छोड़कर भाग गये। पीड़ित शेखर चंद्राकर ने बताया कि पहले भी एक बार गाली गलौज, मारपीट और दूसरी बार जिमी निर्मलकर ने शेखर को कार में कुचलने की कोशिश भी की है। जिमी निर्मलकर पेशेवर गुंडा है जो आये दिन लोगों से गाली गलौज, धमकी व गुंडागर्दी करते रहता है।
मुख्य आरोपी के नाम पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की और फर्जी आरोपी बनाया गया।
इस घटना के बाद पीड़ित शेखर चंद्राकर पलारी थाना जाकर एफआईआर दर्ज कराया। जिसमें पलारी पुलिस ने मुख्य आरोपी जिमी निर्मलकर के नाम पर रिपोर्ट दर्ज नहीं किया गया। पीड़ित के अनुसार पलारी पुलिस ने आरोपियों को बुलाकर दो अज्ञात आरोपी की पहचान की गई जिसमें से एक को फर्जी आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा पलारी पुलिस द्वारा इन्हें जल्द ही छोड़ दिया गया है। पलारी पुलिस पर आरोप है कि वे इस घटना को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं बल्कि आरोपियों को संरक्षण दिया जा रहा है। जिससे पीड़ित को न्याय मिलने की संभावना कम हो गई है।
पीड़ित ने एसपी से शिकायत कर मुख्य आरोपी के नाम से रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की
पीड़ित शेखर चंद्राकर ने बलौदाबाजार जिले के एसपी को आवेदन सौंप कर मुख्य आरोपी के नाम पर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की है। पीड़ित का कहना है कि मुख्य आरोपी के द्वारा ही अन्य लोगों से गुंडागर्दी और मारपीट कराया जा रहा है। जब मुख्य आरोपी पर ही कार्यवाही और गिरफ्तारी नहीं की जायेगी तो यह अपराध नहीं थमेगा और किसी भी व्यक्ति की जान गंवानी पड़ सकती है। पीड़ित सहित स्थानीय लोग पुलिस पर पक्षपात करने का आरोप लगा रहे हैं और इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
वहीं इस मामले में पलारी थाना प्रभारी शशांक सिंह का कहना है कि इस पूरे मामले को गंभीरता से निष्पक्षता के साथ जांच कर दोषियों पर कठोर कार्यवाही की जायेगी।