CAA के खिलाफ प्रदर्शन में हाथ गंवाने वाले स्टूडेंट को एएमयू ने बनाया असिस्टेंट प्रफेसर

अलीगढ़
नागरिकता कानून के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान आंसू गैस का गोला फटने से अपना हाथ गंवाने वाले एक रिसर्च स्कॉलर को ने नौकरी दी है। 26 साल के मोहम्मद तारिक अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से रसायन विज्ञान में रिसर्च कर रहे हैं। हादसे में हाथ गंवाने के बाद तारिक को एएमयू प्रशासन की ओर से कैंपस में संविदा नियुक्ति के आधार पर सहायक प्रफेसर बनाया गया है।

बता दें कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में रविवार रात पुलिस और छात्रों के बीच हुए संघर्ष में दो छात्रों के दाहिने हाथ के पंजे आंसू गैस के गोले से उड़ गए थे। तारिक और उनके साथी का एएमयू के मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है और दोनों को प्लास्टिक सर्जरी विभाग में आईसीयू में रखा गया है। तारिक के इलाज के बीच ही एएमयू प्रशासन ने उन्हें रसायन विभाग में असिस्टेंट प्रफेसर बनाया है।

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टाइम्स ऑफ इंडिया ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था कि हादसे में हाथ गंवाने वाले तारिक अपने परिवार के एकलौते शिक्षित शख्स हैं। फिरोजाबाद के रहने वाले तारिक के पिता और भाई मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाते हैं। वहीं पूरे परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी अब तारिक पर ही है। इस खबर का संज्ञान लेते हुए अलीगढ़ मुस्लिम विवि के प्रशासन ने तारिक को रसायन विभाग में नियुक्ति देने का फैसला किया।

वीसी बोले- परिवार की स्थिति देखकर किया फैसला
एएमयू के वीसी तारिक मंसूर ने कहा कि तारिक की पारिवारिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने उन्हें नौकरी देने का फैसला किया है। विश्वविद्यालय के फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए मोहम्मद तारिक ने बताया कि वह साल 2013 से ही विश्वविद्यालय के विद्यार्थी हैं। तारिक ने कहा कि वह अपने जीवन में इससे भी बेहतर कुछ कर सकते थे, लेकिन सिर्फ एक हादसे के कारण उनकी जिंदगी बदल गई।

Source: International

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