
उमरिया
दिनांक 05/09/2024
उमरिया जिले की प्रतिष्ठित आई. पी. एस. इंग्लिश मीडियम स्कूल में शिक्षक दिवस बड़े धूमधाम से मनाया गया। शिक्षक दिवस में बच्चों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्पीच तथा एस.एल.सी. स्टूडेंट लेड कॉन्फ्रेंस सिंगापुर टीचिंग मैथड कार्यक्रम संचालित किया गया। जिसमें सभी बच्चों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। एस एल सी में क्लास नर्सरी से ग्यारहवीं तक के विद्यार्थी पार्टिसिपेट किए थे, जिसमें उन्हें टीचर द्वारा दिया गया कोई भी सब्जेक्ट व कोई भी टॉपिक तैयार करके काँफ्रेंस में पार्टिसिपेट करना था। कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती, भारत माता, डॉ॰ सर्वपल्ली राधा कृष्णन के छाया चित्र पर फूल माला अर्पित कर प्रोग्राम प्रारंभ किया गया। प्रोग्राम के अतिथि प्रदीप सिंह गहलोत प्राचार्य, डॉक्टर नियाज अहमद अंसारी प्राचार्य,
हाजी शेख धीरज, जगदीश प्रसाद प्यासी, शंभू प्रसाद सोनी, राम लखन सिंह चौहान, राजकुमार मोहबिया, अनिल कुमार मिश्र, करण सिंह, जुबैर शेख, भूपेंद्र त्रिपाठी, हाजी मुहम्मद अफजल, द्वारिका प्रसाद सोनी, मुहम्मद अज़ीम मंसूरी, डी॰के॰सारस जेल अधीक्षक, डॉ॰ सत्या सोनी प्रोफेसर, संतोष खरे, राम लाल अग्रवाल प्राचार्य, प्रोफेसर, व शिक्षक व पूर्व शिक्षक का आई. पी. एस. विद्यालय द्वारा शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में सम्मान समारोह किया गया। तत्पश्चात आईपीएस विद्यालय की शिक्षिका और शिक्षक का भी सम्मान समारोह किया गया।
आईपीएस प्राचार्य श्रीमती आरजू खान ने अपने उद्बोधन में बताया डॉ. राधाकृष्णन की जयंती 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाई जाती है। उनका मानना था कि शिक्षकों को समाज में एक विशेष स्थान मिलना चाहिए और शिक्षक दिवस इसी विचार को जीवित रखता है। अतिथि प्रदीप सिंह गहलोत राजकुमार महोबिया ने अपने उद्बोधन में बताया आई.पी.एस. विद्यालय हर साल शिक्षक दिवस में हम सबको सम्मान से बुलाते हैं, और हर साल की तरह हम ज़रूर आईपीएस विद्यालय में आते हैं। हर वर्ष भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती 5 सितंबर को देश भर में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन अपने शिक्षकों के समर्पण, मार्गदर्शन व योगदान के प्रति आभार प्रकट करने का दिन है। यह दिन गुरु और शिष्य के रिश्ते के लिए बेहद खास होता है।
आई पी एस मैनेजिंग डायरेक्टर वसीम अकरम ने अपने उद्बोधन में बताया शिक्षक सिर्फ़ शिक्षक ही नहीं होते, वे हमारे भविष्य के निर्माता होते हैं। उन्होंने हमें ज्ञान, बुद्धि और करुणा के मूल्य सिखाए हैं। उन्होंने हमें न केवल विषय सिखाए हैं, बल्कि जीवन के अनमोल सबक भी सिखाए हैं जो हमारे पूरे जीवन में काम आएंगे।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों शिक्षकों का आभार व्यक्त किया गया।