विदेश में पढ़ने की चाह थी, सपना पूरा न होने पर गुरुकुल के छात्र ने ट्रेन से कटकर दी जान

यश प्रभाकर, सहारनपुर
उत्‍तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में दसवीं में पढ़ने वाले एक छात्र ने से कटकर अपनी जान दे दी। उसका सपना था कि वह विदेश में जाकर पढ़ाई करेगा, लेकिन जब उसे अपना सपना साकार होता नहीं दिखाई दिया तो उसने यह घातक कदम उठा लिया। छात्र के इस कदम से जहां उसके परिवार मे कोहराम मचा हुआ है, वहीं जिसने भी इस घटना के बारे में सुना वह एक बार को स्तब्ध रह गया।

थाना चिलकाना अंतर्गत गांव पंचकुआ निवासी राकेश कुमार का 17 वर्षीय पुत्र सौरभ सिह गांव झरोली गांव स्थित यमुना किनारे में दसवीं कक्षा का छात्र था। इस गुरुकुल में शिक्षा के साथ छात्रों के रहने की भी व्‍यवस्‍था है। यहां बड़ी संख्‍या में छात्र शिक्षा ग्रहण करते हैं। मंगलवार को दोपहर के समय सभी छात्र पंक्ति में बैठकर भोजन की प्रतीक्षा कर रहे थे, उसी समय से सौरभ सिह वहां से गायब था। अन्‍य छात्रों ने पूरे छात्रावास में खोजबीन की, लेकिन सौरभ का कुछ पता नहीं चला। सौरभ के घरवालों से संपर्क किया गया पर उसका सुराग नहीं लग पाया।

रेलवे लाइन पर पड़ा मिला शव
सौरभ के घरवालों ने भी अपने रिश्तेदारों के यहां सौरभ की तलाश की। इसके बाद गुरुकुल के आचार्य बिजेंद्र ने थाना सरसावा पहुचकर सौरभ की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। इस बीच पुलिस को जानकारी मिली कि शाहजहांपुर के पास रेलवे लाइन पर एक छात्र का शव पड़ा मिला है। घरवालों और गुरुकुल के छात्रों ने शव की पहचान सौरभ के रूप में की। सौरभ के शव के पास बरामद बैग में सुसाइड नोट मिला।

‘अपनी मौत का स्‍वयं जिम्‍मेदार’
आत्महत्या से पूर्व लिखे गए सुसाइड नोट में सौरभ ने लिखा था कि अपनी मौत के लिए वह स्‍वयं जिम्‍मेदार है। उसका सपना था कि वह विदेश जाकर पढ़ाई करेगा, लेकिन उसका यह सपना पूरा नहीं होगा इसलिए वह अपनी जान दे रहा है। सौरभ ने अपने सुसाइड नोट में कुछ आध्यात्मिक बातों का भी उल्लेख किया है। विनाश काले विपरीत बुद्धि, मनुष्य संसार मे खाली हाथ आया था और खाली हाथ जाता है वह छोड़ जाता है तो कुछ यादें। सौरभ की मौत से गुरुकुल सहित उसके गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।

Source: International

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