सीएए विरोध-प्रदर्शन में शामिल ऐक्टिविस्‍ट दंपती जेल में बंद, मां के दूध के लिए तड़प रही सवा साल की बच्‍ची

विकास पाठक, वाराणसी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में (सीएए) के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान कई लोगों को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल में बंद कर दिया है। इन लोगों में एक ऐसा दंपती भी शामिल है जिसकी सवा साल की मासूम बेटी घर पर मां के दूध के लिए तड़प रही है। इसकी वजह से उसकी तबीयत भी खराब हो गई है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट कर इस मामले पर विरोध जताया है।

दरअसल, रवि शेखर और एकता शेखर गत 19 दिसंबर को नई सड़क इलाके में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध-प्रदर्शन में शामिल हुए थे। पुलिस ने उन्‍हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। तब से माता-पिता के इंतजार में सवा साल की बच्‍ची चंपक का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्‍ची अभी मां का दूध ही पीती है, इसलिए उसकी सेहत बिगड़ती जा रही है। फिलहाल बच्‍ची की देखभाल बूढ़ी दादी शीला तिवारी और बड़ी मां देवोरिता कर रही हैं।

‘शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने की बात कह घर से निकले थे’
शीला तिवारी का कहना है कि रवि और एकता 19 दिसंबर की सुबह यह कहकर गए थे कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे हैं और आते वक्‍त बच्‍ची के लिए डायपर लेकर आएंगे, लेकिन शाम होते-होते दोनों की गिरफ्तारी की खबर आ गई। रवि शेखर के बड़े भाई शशिकांत का कहना है कि मां-पिता से दूर होने से बच्‍ची गुमसुम हो गई है। बस मां की फोटो देख आओ…आओ ही करती रहती है।

इस मामले पर प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर अफसोस जाहिर किया है। उन्‍होंने लिखा है कि एक परिवार की बच्‍ची अकेले है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन की ये सजा, सरकार का व्‍यवहार हद से बाहर हो चुका है। वहीं, राजनीतिक चिंतक प्रदीप कुमार का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों को दुधमुंही बच्‍ची से दूर करने की सजा कहीं से सही नहीं ठहराया जा सकती है।

Source: International

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