
नागरिकता संशोधन कानून पर भड़की हिंसा के बाद वेस्ट यूपी के कई संवेदनशील जिलों में जुमे की नमाज को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट है। यहां गाजियाबाद और मेरठ समेत कई जिलों में अगले 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाओं को बैन किया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर गाजियाबाद में शुक्रवार रात 10 बजे तक इंटरनेट पर बैन रहेगा। सहारनपुर में भी जुमे की नमाज को लेकर पुलिस प्रशासन एक बार फिर चौकसी बरत रहा है। एहतियात के तौर पर प्रदेश के 12 जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। इस बीच मुस्लिम धर्मगुरुओं ने जुमे की नमाज से पहले शांति की अपील की है।
इन जिलों में इंटरनेट पर बैन
अफवाहों पर लगाम लगाने के मद्देनजर गाजियाबाद, मेरठ, सहारनपुर, बुलंदशहर, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, शामली, संभल, फिरोजाबाद, मथुरा आगरा और सीतापुर में इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया गया है। मेरठ में गुरुवार की शाम 8 बजे से इंटरनेट सेवाएं रोक दी गईं। जिलाधिकारी मेरठ ने रात 8 बजे से शुक्रवार रात 8 बजे तक के लिए इंटरनेट सेवाओं को बंद करने का आदेश दिया है। वहीं, मुजफ्फरनगर में 28 दिसंबर तक नेट बंद रखा गया है। सीतापुर में अगले आदेश तक इंटरनेट पर बैन लगाया गया है। इस बीच पुलिस लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील कर रही है। इसके अलावा अधिकारी पुलिस फोर्स के साथ शहरों में फ्लैग मार्च निकाल रहे हैं।
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एक दिन का रोजा रखें मुस्लिम: फरंगी महली
मुस्लिम धर्मगुरुओं ने शांति और सौहार्द्र की अपील की है। लखनऊ के मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने भी मुस्लिम समुदाय के लोगों से गुजारिश की है कि जुमे की नमाज के बाद किसी तरह का प्रदर्शन न करें। फरंगी महली ने समुदाय के लोगों से शांति और सौहार्द्र के लिए एक दिन का रोजा रखने की अपील की है। वहीं, देहरादून में पलटन बाजार की जामा मस्जिद के इमाम ने भी देश में अमन के लिए समुदाय के लोगों से एक दिन का रोजा रखने की अपील की है।
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स्कूल-कॉलेज बंद
बाकी जिलों में शुक्रवार तक नेट बंद रखने के आदेश जिला प्रशासन की तरफ से दिए गए हैं। बिजनौर में गुरुवार को भी इंटरनेट सेवा बंद रखी गई। जानकारी के मुताबिक, यहां अगर कानून व्यवस्था की स्थिति सामान्य रहती है तो शुक्रवार की शाम इंटरनेट को चालू किया जा सकता है। नेट बंद होने के अलावा इन जिलों में कड़ाके की ठंड के चलते रविवार तक कक्षा बारह तक के स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं।
शांति की अपील
मेरठ में आईजी, कमिश्नर, डीएम और एसएसपी ने जिम्मेदार लोगों की मीटिंग की। उन्होंने लोगों से शांति बनाने की अपील की और सहयोग मांगा। दरअसल, 20 दिसंबर को जुमे की नमाज के बाद वेस्ट यूपी के कई जिलों में हिंसा हो गई थी, जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी। ऐसे में शुक्रवार को जुमे की नमाज इस बार कड़े पहरे में होगी। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस फोर्स, पीएसपी, आरएएफ आदि सुरक्षाबलों की संख्या बढ़ा दी गई है।
Source: International