CAA: पूर्व शहर काजी की अपील और घर लौट गए प्रदर्शनकारी, अधिकारियों ने भी किया शुक्रिया

प्रयागराज
नागरिकता संसोधन ऐक्ट (सीएए) को लेकर जहां यूपी के कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन हुए, वहीं प्रयागराज में स्थिति में नियंत्रण देखा गया। प्रयागराज में कानून के विरोध में प्रदर्शन तो हुए लेकिन हिंसा की एक भी घटना सामने नहीं आई। इसमें पूर्व शहर काजी सैयद कारी मकबूल हुसैन हबीबी की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही। अधिकारियों की मानें तो, जुमे की नमाज के बाद पूर्व शहर काजी ने जामा मस्जिद से अपील करते हुए लोगों से शांतिपूर्वक प्रदर्शन के बाद घर जाने को कहा था। इसका असर भी दिखाई दी। नमाज के बाद जूलूस तो निकले लेकिन हिंसा नहीं हुई। मंगलवार को जिले के आला अधिकारी मकबूल हुसैन हबीबी के घर शुक्रिया अदा करने भी पहुंचे।

पिछले हफ्ते शुक्रवार को नागरिकता संशोधन कानून के विरोध के दौरान यूपी के कई शहरों में हिंसक घटनाएं हुईं जिसमें 16 लोगों की जानें गई। करोड़ों की संपत्ति का नुकसान हुआ, हालांकि इस दौरान प्रयागराज नियंत्रित रहा। गुरुवार और शुक्रवार को शहर में कानून के विरोध में कई जुलूस निकाले। इस दौरान जिला प्रशासन ने इंटरनेट भी बंद कर दिया था। बावजूद इसके बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतरे। हालांकि शुक्रवार को जुमे की नमाज होने के कारण प्रशासन को पहले से जुलूसों की उम्मीद थी इसलिए तैयारियां भी हर स्तर पर की गई थीं।

जामा मस्जिद से पूर्व शहज काजी ने की अपील
बावजूद इसके हजारों की संख्या में लोग पुराने शहर से होते हुए सिविल लाइंस पहुंच गए। हालांकि इसके पहले चौक की जामा मस्जिद से पूर्व शहर काजी और इमाम सैयद कारी मकबूल हुसैन हबीबी ने लोगों से शांतिपूर्वक विरोध-प्रदर्शन करने और विरोध दर्ज कराने के बाद घर लौटने की अपील की थी। इसी का असर था कि बड़ी संख्या में लोग मस्जिद के नीचे विरोध-प्रदर्शन के बाद घर लौट गए। कई अन्य इलाकों से जुलूस छिपते-छिपाते सिविल लाइंस पहुंच गया। इस दौरान अधिकारियों ने भी संयम बनाए रखा।

लोगों की शंका दूर करने के लिए बांटे गए पर्चेएडीजी सुजीत कुमार पांडेय के अनुसार, जिला प्रशासन ने संभावित विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए काफी तैयारी की थी। लोगों के बीच जाकर करीब 75 हजार पर्चे बांटे गए थे जिससे लोगों का भ्रम दूर किया जा सके। इसके साथ ही पुलिस मित्रों की मदद ली गई जिनमें सभी धर्मों के लोग थे। लगातार ऐसे लोगों पर नजर भी रखी जा रही थी जो विरोध-प्रदर्शनों का नेतृत्व करने वाले थे और उन्हें नोटिस दी गई।

प्रयागराज की गंगा-जमुनी तहजीब मेयर अभिलाषा गुप्ता नंदी के अनुसार, ‘प्रयागराज की संस्कृति गंगा-जमुनी तहजीब की रही है। इसका असर इस विरोध-प्रदर्शन के दौरान भी दिखा। शायद अन्य शहरों की अपेक्षा यहां के लोगों में शिक्षा का स्तर भी बेहतर है इसलिए अफवाहों पर भागने से पहले अधिकांश लोगों ने उन्हें परखना उचित समझा। इसके साथ ही मुस्लिम समाज के कुछ धर्मगुरुओं की भूमिका भी सार्थक रही। जिससे शहर की शांति व्यवस्था बनी रही।’

Source: International

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