आस्था का पुनर्जागरण: किरंदुल में प्राचीन शिवालय के पुनरुद्धार का संकल्प


किरंदुल नगर के वार्ड क्रमांक 01 स्थित प्राचीन शिव मंदिर एक बार फिर आस्था, श्रद्धा और सामाजिक चेतना का केंद्र बनने जा रहा है। वर्षों से उपेक्षित रहे इस ऐतिहासिक शिवालय को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से क्षेत्र के सनातन धर्मावलंबियों ने एकजुट होकर व्यापक स्वच्छता, सौंदर्यीकरण एवं धार्मिक अनुष्ठानों की श्रृंखला प्रारंभ करने का संकल्प लिया है।
चेक डेम के समीप स्थित यह मंदिर हाल के दिनों में सोशल मीडिया चर्चाओं का विषय बना रहा, जिसके बाद स्थानीय श्रद्धालुओं में मंदिर के संरक्षण और पुनरुद्धार को लेकर नई चेतना जागृत हुई। इसी क्रम में यह निर्णय लिया गया है कि मंदिर परिसर की विधिवत सफाई, रंग-रोगन तथा धार्मिक गरिमा की पुनर्स्थापना का कार्य सामूहिक सहभागिता से किया जाएगा।


आगामी 1 जनवरी 2026, गुरुवार को अंग्रेजी नववर्ष के शुभ अवसर पर बाबा भोलेनाथ की विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर विशाल भंडारे का भी आयोजन सुनिश्चित किया गया है, जिसमें समस्त श्रद्धालु सादर आमंत्रित हैं। आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज को कर्म, सेवा और समर्पण के भाव से जोड़ने का माध्यम है।
इस अभियान की विशेष बात यह है कि इसमें किसी प्रकार के औपचारिक निमंत्रण या आमंत्रण-पत्र की आवश्यकता नहीं रखी गई है। आयोजकों का स्पष्ट संदेश है कि जो भी स्वयं को सनातन परंपरा से जुड़ा मानता है, वह सेवा, श्रम और सहयोग के माध्यम से अपनी सहभागिता सुनिश्चित करे। यह केवल मंदिर की सफाई या आयोजन भर नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति उत्तरदायित्व निभाने का अवसर है।


आह्वान किया गया है कि लोग केवल संदेशों तक सीमित न रहें, बल्कि स्वयं आगे आकर इस पुनीत कार्य का हिस्सा बनें। बाबा भोलेनाथ के चरणों में समर्पित यह प्रयास आस्था को कर्म में बदलने का प्रतीक बने—यही इस आयोजन का मूल उद्देश्य है।
किरंदुल एक बार फिर यह संदेश देने को तत्पर है कि जब समाज एकजुट होता है, तब आस्था केवल भावना नहीं, बल्कि सशक्त कर्म बन जाती है।

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