
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में एक बार फिर रिश्तों का खून हुआ। छोटे भाई ने ही आधी रात को लाठी-डंडों और धारदार हथियार से मौत के घाट बड़े भाई को उतार दिया। इस घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। यह लालगंज कोतवाली के वीरभद्र गांव की घटना है।
प्रतापगढ़ जिले के लालगंज कोतवाली के वीरभद्र गांव में जब लोग आधीरात को गहरी नींद में सो रहे थे तो रिश्तों का खून हुआ। कलयुगी भाई राजू सरोज, जिसे बचपन में रामआसरे ने गोद मे खिलाया था। उसका कुनबा लालच में आकर अपने बड़े भाई राम आसरे पर उस समय लाठी-डंडों और धारदार हथियार से लैस होकर टूट पड़ा। यह हमला तब हुआ जब रामआसरे और उसकी पत्नी रामप्यारी घर में सो रहे थे। अधेड़ रामआसरे लाठी डंडे और धारदार हथियार से पूरा कुनबा मारने लगा तो किसी तरह उसकी पत्नी घर से बाहर भागकर शोर मचाने लगी।
कड़ाके की ठंड में किसी तरह लोग उसके घर पहुचे तो देखा कि रामआसरे की मौत हो चुकी थी। आनन-फानन में पुलिस को इत्तला दी गई और साथ ही रामआसरे के दामाद को भी सूचना दी गई, जिसके बाद क्षेत्रीय पुलिस पहुंच गई और शव का पंचनामा भरने में जुट गई। उधर मृतक का दामाद भी मौके पर पहुंच गया। बताया जाता है कि के पीछे सम्पत्ति ही कारण रही है। दामाद का तो आरोप गांव के प्रधान पर भी है कि वो भी हत्या की साजिश में शामिल था। प्रधान का घर भी बगल में है अगर वो अपनी लाइसेंसी बंदूक से एक भी फायर कर देता तो रामआसरे की जान बच सकती थी। घटना के बाद आरोपी घर छोड़कर फरार हो गए।।
इस बाबत एएसपी पश्चिमी दिनेश द्विवेदी का कहना है कि देर रात रामप्यारी ने पुलिस को सूचना दी कि उसके पति रामआसरे सरोज की हत्या राजू और उसके परिवार ने कर दी। इलाके की पुलिस पहुंच गई और उसका पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। मृतक की पत्नी की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, एक आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।
Source: International