बीएचयू, संबद्ध प्राध्यापकों के विरोध को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ने फर्जीवाड़ा बताया

वाराणसी, 28 दिसंबर (भाषा) काशी हिन्दू विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध 51 प्रोफेसरों द्वारा नागरिकता कानून (सीएए) और प्रस्तावित राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ चलाये गए हस्ताक्षर अभियान को एक प्रोफेसर ने फर्जीवाड़ा करार दिया है। इलाहाबाद विश्वविदयालय के प्रोफेसर विकास कुमार ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में धांधली की गयी है और गलत तथ्य दिखा कर उनसे हस्ताक्षर कराया गया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने जिस पत्र पर हस्ताक्षर किया था उसपर एनआरसी के बारे में जागरूकता के लिए चर्चा और संगोष्ठी के आयोजन की बात लिखी थी। बाद में उस पन्ने को बदल कर प्रस्तुत किया गया जिसमें एनआरसी का विरोध दर्शाया गया। विकास कुमार ने बताया कि वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं और बीएचयू के छात्र रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि मैं शुरू से एनआरसी का समर्थक रहा हूं। पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का यह कार्य देश हित में है और मैं उनके साथ हूँ।

Source: International

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