वाराणसी: लाइट मेट्रो और रोप-वे चलाने की तैयारी, रूट फाइनल

वाराणसी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में रेलवे की संस्‍था राइट्स ने लाइट मेट्रो और रोप-वे का रूट फाइनल कर दिया है। शहर के बाहरी इलाकों में लाइट मेट्रो व रोप-वे सुविधा उपलब्‍ध होगी। पुराने शहर यानी पक्‍का महाल को इससे अलग रखा गया है।

कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्‍लान को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की सैद्धांतिक मंजूरी के बाद शहरी विकास मंत्रालय ने फंडिंग की सहमति दी है। प्रॉजेक्‍ट को मंजूरी दिए जाने के पहले निर्धारित किए गए रूट और कार्ययोजना का प्रस्‍तुतीकरण राइट्स के अधिकारियों ने कमिश्‍नर की अध्‍यक्षता में हुई बैठक में किया। राइट्स ने 2041 तक शहर की आबादी को 38 लाख मानकर सुगम यातायात के लिए 12 हजार करोड़ रुपये का प्रॉजेक्‍ट बनाया है। इससे बड़ी संख्‍या में लोगों को प्रत्‍यक्ष व अप्रत्‍यक्ष रूप से रोजगार भी मिलेगा।

राइट्स द्वारा तैयार किए गए प्रस्‍ताव के मुताबिक लाइट मेट्रो का संचालन तरना स्थित भेल से बीएचयू तक होगा। इसके 14 से 16 स्‍टेशन होंगे। वहीं, रोप-वे का रूट शहर के प्रमुख गोदौलिया चौराहे से रथयात्रा, कैंट रेलवे स्‍टेशन होते हुए सिटी रेलवे स्‍टेशन से आगे खि‍ड़किया घाट पर होगा।

खि‍ड़किया घाट पर ही देश में अपने ढंग का पहला परिवहन संगम स्‍थल बनाने का प्‍लान है। इसके अलावा खिड़किया घाट से कैंट तक वरुणा कॉरिडोर के जरिए यातायात प्रस्‍तावित है। राइट्स ने शहर में रैपिड बस सहित सामान्‍य बसों के संचालन का भी प्रस्‍ताव बनाया है। कमिश्‍नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि राइट्स के अधिकारियों को लाइट मेट्रो, रोप-वे के रनिंग खर्चे, यातायात से प्राप्‍त राजव के आंकलन को भी प्रॉजेक्‍ट में शामिल करने को कहा गया है।

Source: International

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