सीएए के खिलाफ प्रदर्शन में गिरफ्तार हुए मां-पिता, मासूम चंपक ने पीएम मोदी से लगाई गुहार

विकास पाठक, वाराणसी
सवा साल की ने जेल में बंद अपने माता-पिता की रिहाई के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगाई है। सोमवार को चंपक ने बूढ़ी दादी के साथ मिनी पीएमओ (प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय) जाकर पत्र दिया। उसकी मां और पिता रवि शेखर को एनआरसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार कर किया गया था। दोनों 11 दिनों से जेल में बंद हैं। चंपक ने खाना-पीना छोड़ दिया है और रो-रोकर उसका बुरा हाल है।

पर्यावरण की बेहतरी के लिए समर्पित सामाजिक कार्यकर्ता एकता और रवि शेखर को पुलिस ने 19 दिसंबर को बेनिया क्षेत्र में सीएए के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किया था। संगीन धाराएं लगने से निचली अदालत से जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है। बड़े दिन की छुट्टी खत्‍म होने के बाद सेशन कोर्ट में जमानत अर्जी पर सुनवाई होगी।

अभी मां का ही दूध पीती है चंपक
अब तक मां का ही दूध पीने वाली चंपक मां के साथ से वंचित होने से बेहद परेशान है। देखभाल कर रहीं बूढ़ी दादी शीला तिवारी और बड़ी मां देवोरिता चाहकर भी उसकी उदासी दूर नहीं कर पा रही हैं। घर आने वाले बच्‍चों की खेलकूद के बीच भी चंपक गुमसुम ही रह रही है। सोमवार की दोपहर चंपक दादी और बड़ी मां के साथ मिनी पीएमओ पहुंची। दादी शीला तिवारी की ओर से प्रधानमंत्री को संबोधित पत्र मिनी पीएमओ के प्रभारी को सौंपा। गया।

इस पत्र में मानवीय आधार पर बच्‍ची की देखरेख के लिए उसकी मां एकता को जेल से रिहा करने की मांग की गई है। पत्र में कहा है कि डॉक्‍टरों की सलाह के मुताबिक, ठंड की एलर्जी से बचाने के लिए चंपक को मां का दूध पिलाने की जरूरत है। दूध पिलाने के लिए जेल में मां के पास उसे नहीं ले जाया जा सकता है। ऐसे में वह किसी सदमे या बीमारी की चपेट में आए, इससे पहले उसकी मां की रिहाई जरूरी है। मिनी पीएमओ प्रभारी शिवशरन पाठक ने बताया कि पत्र को जिलाधिकारी और एसएसपी को भेज मानवीय आधार पर विचार करने के लिए कहा गया है। ये दोनों अधिकारी ही कोई निर्णय ले सकते हैं।

Source: International

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