सीएए के खिलाफ हिंसा में आईएसआई और विदेशी ताकतें भी शामिल: सुधांशु त्रिवेदी

शादाब रिजवी, मेरठ
भारतीय जनता पार्टी () के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद ने मंगलवार को मेरठ में नागरिकता संसोधन कानून (सीएए) पर हुई हिंसा में आईएसआई और विदेशी ताकतों के शामिल होने का आरोप लगाया। का नाम लिए बिना इशारों में सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि इस आंदोलन को बढ़ावा देने में उनका भी हाथ है, जिनका राजनीतिक वजूद खत्म हो गया है। उन्होंने सवाल किया कि में जब मुस्लिम शब्द ही नहीं, फिर बवाल क्यों और कैसा?

सुधांशु त्रिवेदी ने सीएए के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिंसा को सोची समझी साजिश बताया। उन्होंने कहा, ‘चार हजार की संख्या बल वाली जामिया मीलिया यूनिवर्सिटी में 30 हजार छात्र कहां से पहुंच गए? किसी बड़े मौलना या उलमा ने सीएए का सीधा विरोध नहीं किया, फिर हिंसा बड़े पैमाने पर कैसे फैली?’ बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि सीएए को लेकर प्रदर्शन में जामिया मीलिया में ऐसिड लेकर मुंह पर कपड़ा बांधकर, बैग में पत्थर भरकर पहुंचे लोग व्यावसायिक अपराधी हैं।

सुधांशु त्रिवेदी बोले- कांग्रेस ने 2003 में किया था सीएए का समर्थन
उन्होंने याद दिलाया कि 2003 में मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के गैर-मुस्लिमों को भारत की नागरिकता देने की वकालत की थी। 25 नवंबर 1947 को कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक में पाकिस्तान में धर्म के आधार पर प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को भारत में बसाने की बात कही गई। 20 सितंबर 1947 को प्रार्थना सभा में महात्मा गांधी भी यही बात कहते हैं, ऐसे में कांग्रेस अब क्यों विरोध कर रही है, यह समझ से परे है।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बीजेपी पर भगवा को बदनाम करने का आरोप पर सुधांशु बोले, ‘पहले उन्हें भगवा आतंकवाद के लिए, 7 नवंबर 1966 को गोरक्षकों पर गोली चलवाने के लिए, कारसेवकों पर गोली चलवाने वाले मुलायम के समर्थन में खड़ी कांग्रेस के लिए, 12 सितंबर 2007 को सुप्रीम कोर्ट में भगवान राम को काल्पनिक पात्र बताने के लिए, यूएसए के अधिकारियों को भगवा आतंकवाद लश्कर-ए-तैयबा से खतरनाक बताने के लिए माफी मांगनी चाहिए।’

मेरठ के एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह की विडियो पर कहा कि प्रशासनिक पक्ष से स्पष्टीकरण मांगा गया है। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि भारत की नागरिकता करने वालों में 90 फीसद पाकिस्तान और बांग्‍लादेश के दलित हैं लेकिन माया और अखिलेश भी विरोध करने लगे हैं।

Source: International

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