अंकोटरवाट की तर्ज पर अयोध्या में बने भव्य राम मंदिर: श्रीधरानंद ब्रह्मचारी

प्रयागराज
अयोध्या विवाद पर का फैसला आने के बाद मंदिर निर्माण को लेकर ट्रस्ट गठित करने और निर्माण की कवायद तेज हो गई है। इस बीच अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर के मॉडल को लेकर साधु-संतों ने सवाल खड़े कर दिए हैं। द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य ने अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर के मॉडल को छोटा बताते हुए कंबोडिया के अंकोरवाट मंदिर की तर्ज पर भव्य राम मंदिर निर्माण की मांग की है।

श्रीधरानंद ब्रह्मचारी ने कहा, ‘सैकड़ों वर्षों के बाद रामलला को न्याय मिला है। का फैसला रामलला के पक्ष में आया है इसलिए अयोध्या में भव्य राममंदिर का निर्माण होना चाहिए। भगवान राम के मंदिर के निर्माण के लिए भूमि की अब कोई कमी नहीं है। सरकार यदि भव्य मंदिर बनाने में असमर्थ है तो धर्माचार्यों के हाथों में मंदिर निर्माण का काम सौंप देना चाहिए।’

उन्होंने आगे कहा, ‘राम लला के मंदिर निर्माण में अभी दो से तीन साल का समय लग सकता है। इसलिए भगवान राम के विग्रह को स्थापित करने के लिए चंदन की लकड़ी का सोने का जड़ा एक मंदिर तैयार हो रहा है। जिसका मॉडल संगम की रेती पर 10 जनवरी से आयोजित हो रहे माघ मेले में रखा जाएगा। जिससे मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालु उसे देख सकें।’ कंबोडिया के अंकोरवाट मंदिर की तर्ज पर एक मॉडल द्वारकाशारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानंद सरस्वती द्वारा तैयार कराया जा रहा है। उसे भी माघ मेले में श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए रखा जाएगा।

Source: International

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