कारोबारी नीरज के परिवार का आखिरी चिराग भी बुझा, परिवार में अकेले बचे बेटे की भी मौत

मथुरा
यूपी के मथुरा जिले में एक जनवरी की सुबह यमुना एक्सप्रेस-वे पर कार में मृत पाए गए सर्राफा व्यवसायी नीरज अग्रवाल के परिवार के एकमात्र जीवित सदस्य उनके बेटे शौर्य की भी मौत हो गई है। शनिवार देर रात दिल्ली के इन्द्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में शौर्य की भी मृत्यु हो गई।

पुलिस अधिकारियों ने रविवार को बताया कि सिर में गोली लगने से अत्यंत गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया शौर्य कोमा में था। उसने रात 1.20 बजे दम तोड़ दिया। शौर्य अपने पिता नीरज अग्रवाल, मां नेहा और बहन धन्या की मौत का चश्मदीद गवाह था। वह बता सकता था कि यह आत्महत्या का मामला था अथवा हत्या का।

पुलिस इस प्रकरण को नीरज अग्रवाल द्वारा पहले परिवार के सभी सदस्यों को मारने और फिर खुदकुशी करने का मामला मानकर चल रही थी। लेकिन मृतक के साले अमित ने उसके खिलाफ वित्तीय हेराफेरी की रिपोर्ट दर्ज कराने वाले चार लोगों मनीष चतुर्वेदी, आशीष चतुर्वेदी, नीरज चतुर्वेदी और आशीष अरोड़ा के विरुद्ध नामजद मुकदमा कायम कराया था।

‘हर पहलू से जांच जारी’
साले का आरोप है कि इन चारों ने कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर नीरज और उनके परिवार का खात्मा किया है। शहरी क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।

सभी की लाशें कार में मिली थीं
बता दें कि कारोबारी नीरज अग्रवाल, पत्नी नेहा अग्रवाल और बेटी धन्या की लाशें एक जनवरी को एक्सप्रेस-वे पर वृन्दावन के पास उनकी कार में मिली थीं। शौर्य कार में घायल पड़ा मिला था। चारों के सिर में गोली मारी गई थी। नीरज के दाएं हाथ में पिस्टल थी।

Source: International

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