नागरिकता ऐक्टः प्रदर्शन के दौरान हिंसा को लेकर सियासी दलों में छिड़ी जुबानी जंग

शादाब रिजवी, मेरठ
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर सियासी दलों में जुबानी जंग छिड़ी हुई है। एक ओर भारतीय जनता पार्टी जहां विरोधी दलों पर फैलाने की साजिश रचने का आरोप लगा रही है, वहीं गैर-बीजेपी दल सरकार पर समाज को बांटने और जनहित के मुद्दों पर खुद की नाकामी से ध्यान हटाने के आरोप मढ़ रहे हैं। इसे लेकर दलों के नेताओं के बीत जुबानी जंग भी जारी है।

कांग्रेस, एसपी और बीएसपी आए बीजेपी के निशाने पर
बीजेपी हिंसा के लिए सीधे तौर पर कांग्रेस, एसपी और बीएसपी को जिम्मेदारी ठहरा रही है। बीजेपी के प्रवक्ता चद्रमोहन ने कहा कि कंग्रेस का हाथ दंगाईयों के साथ है। वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ के निशाने पर समाजावदी पार्टी है। वह पहले ही हिंसा में मारे गए लोगों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद देने के मुद्दे पर अखिलेश यादव पर हमला बोल चुके हैं। बीजेपी सांसद साक्षी महाराज और बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह मेरठ में कह चुके है कि बीएसपी-एसपी और वोट की राजनीति के लिए मुसलमानों को बरगलाकर बवाल करा रहे हैं।

गैरबीजेपी दल बीजेपी को कटघरे में खड़ा कर रहे
कांग्रेस हिंसा प्रभावित लोगों से मिलकर बीजेपी पर समाज को तोड़ने, बांटने और नफरत पैदा करने के आरोप लगा रही है। प्रियंका गांधी मेरठ में बीजेपी पर संविधान को खत्म करने, आरएसएस का कानून लागू करने और बेगुनाहों पर जुल्म करने के आरोप लगा चुकी हैं। उनकी पार्टी के नेता इमरान मसूद और प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज मलिक अमित शाह पर हिंसा कराकर मूल मुद्दों से ध्यान हटाने के आरोप जड़ रहे हैं।

समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर, राजपाल सिंह, बाबर खरदौनी का आरोप है कि रोजगार, महंगाई आदि मुद्दों पर नाकाम सरकार लोगों का ध्यान हटाने के लिए बवाल करा रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी की शह पर पुलिस बेगुनाहों पर गोली चला रही है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि आंदोलन में सभी मौत पुलिस की गोली लगने से हुई।

बीएसपी के प्रदेशाध्यक्ष बाबू मुकमाद अली और सरधना से विधानसभा प्रत्याथी रहे हाफिज इमरान याकूब का कहना है कि बीजेपी की देश को बांटने की साजिश है। हिंसा के नाम पर वेस्ट यूपी में बेगुनाहों को जेल में डाल दिया। उन्होंने मांग की कि इसकी न्यायिक जांच हो और बीजेपी की साजिश का पर्दाफाश हो।

Source: International

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