कई प्रत्याशियों के लिए सियासी ऑक्सीजन बना क्रॉस वोटिंग

B- वोटिंग के लिए धन-बल का प्रयोग होने की रही चर्चा

किरणपाल राणा, गाजियाबाद: B

नगर निगम कार्यकारिणी के चुनाव में खूब सियासी दांव-पेच चले। इसी के चलते कई पार्षदों ने क्रॉस वोट कर चौंका दिया। क्रॉस वोटिंग कई प्रत्याशियों के लिए सियासी ऑक्सीजन का काम किया। हालांकि वोटिंग के लिए धनबल का प्रयोग होने की चर्चाएं रहीं।

Bबीएसपी:B

चुनाव के दौरान बीएसपी संगठन को भी क्रॉस वोटिंग का डर सता रहा था, लेकिन जब चुनाव के नतीजे आए तो पार्टी नेता भी हैरान रह गए। बीएसपी के पास 16 पार्षद और 2 पदेन सदस्य थे। 2 पदेन सदस्यों के अलावा बीएसपी के 15 पार्षदों ने भी वोट डाला। इस तरह से पार्टी प्रत्याशी हिमांशु चौधरी को कुल 17 वोट मिलने चाहिए थे, लेकिन केवल 15 वोट मिले। इस तरह से बीएसपी के 2 पार्षदों ने क्रॉस वोट किया है। बीएसपी पार्षद दल के नेता आनंद चौधरी का कहना है कि वह पूरी जांच के बाद ही इस मामले में संगठन को रिपोर्ट देंगे।

Bएसपी:B

प्रत्याशी आसिफ चौधरी भले ही चुनाव हार गए मगर उनकी रणनीति कामयाब रही। एसपी के नगर निगम में कुल पार्षदों की संख्या 5 है। 3 पदेन सदस्य हैं। 5 पार्षदों के अलावा पार्टी के पदेन सदस्य बीएस रामूवालिया ने वोट किया। इस तरह से एसपी प्रत्याशी को 6 वोट मिलने चाहिए थे, लेकिन पार्टी प्रत्याशी ने दूसरी पार्टी के पार्षदों में सेंध कर 4 वोट अधिक लेते हुए 10 वोट हासिल किए। हालांकि 2 पदेन सदस्य राकेश यादव और जितेंद्र यादव वोट करने नहीं आए।

Bबीजेपी:B

इस चुनाव में 4 प्रत्याशी बीजेपी ने खड़े किए थे। पार्टी के पास कुल वोट 63 थे। इनमें से पदेन सदस्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग और एक पार्षद अभिषेक चौधरी वोट डालने नहीं आए। बाकि एमपी वीके सिंह, अनिल अग्रवाल, विधायक सुनील शर्मा, अजित पाल त्यागी आदि ने वोट डाले, लेकिन बीजेपी के 4 प्रत्याशियों को 62 वोट मिले।

Bकांग्रेस:B

कांग्रेस पार्टी के लिए भी यह चुनाव फायदे का सौदा रहा। कांग्रेस के पास कुल 14 पार्षदों का वोट है। जबकि इस चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी अजय शर्मा ने 15 वोट हासिल किए। इसका मतलब 1 वोट के लिए कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी ने दूसरी पार्टी में सेंधमारी की।

Source: International

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