
Bएनबीटी न्यूज, गाजियाबाद
दिल्ली मेंB हुए निर्भया कांड के दोषियों को फांसी की सजा मुकर्रर हो गई है। निर्भया को न्याय मिलने जा रहा है, मगर हमारे आसपास ऐसी तमाम निर्भया हैं, जो इंसाफ के इंतजार में दिन काट रही हैं। ऐसे में मन में आता है कि क्यों न हमारा समाज ऐसा हो, जहां किसी भी बच्ची या महिला के साथ निर्भया जैसी दरिंदगी हो। वो हर पल हर जगह खुद को महफूज महसूस करें। इस तरह का समाज कैसे बनेगा और हमें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, इस पर एनबीटी ने कानून के जानकारों से बातचीत की।
Bजागरूकता है जरूरीB
बच्चों के साथ होने वाली अश्लीलता को रोकने के लिए उन्हें इस संबंध में जागरूक करने की जरूरत हैं। अगर बच्चों को शिक्षा के तौर पर इस संबंध में जानकारी दी जाएगी तो वे यौन अपराधों का शिकार होने से बच सकेंगे। B- अशोक चौधरी, वरिष्ठ अधिवक्ताB
Bदबाव नहीं बना सकते
Bटीवी, इंटरनेट के जरिये परोसी जा रही अश्लीलता भी महिलाओं और बच्चों के साथ होने वाली आपराधिक घटनाओं का बड़ा कारण है। अगर कोई महिला किसी के साथ रह रही है और उसका साथी संबंधों के लिए दबाव बनाता है तो यह भी अपराध है। B- वंदना सिंह, अधिवक्ता
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Bबच्चों से रखे दोस्ताना संबंध
Bआज के परिवेश में बच्चों पर ध्यान रखने की जरूरत है। उनके साथ हमेशा दोस्ताना संबंध बनाएं। उन्हें डराए नहीं, ऐसा करने पर बच्चे अपने साथ होने वाली हर तरह की घटना के बारे में आपको बिना किसी झिझक के बताएंगे। B- किरन शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता
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Bकोई बात छिपाए नहींB
हम काफी एडवांस हो चुके हैं। इसके बावजूद माहौल उतना सुरक्षित नहीं है। आज भी महिलाएं और बच्चे दरिंदों की हवस का शिकार हो रहे हैं। अगर उनके साथ कोई घटना होती है तो उसे छिपाए नहीं। मानवीय मूल्यों से समझौता नहीं करें। B- नवीन त्यागी, अधिवक्ता
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Bसेल्फ डिफेंस की क्लास लगेंB
महिलाओं और युवतियों को अपनी सुरक्षा के लिए सजग रहने की जरूरत है। स्कूलों और कॉलेजों में भी सेल्फ डिफेंस की क्लास लगनी चाहिए। बच्चों को गुड टच और बेड टच के बारे में भी बताया जाना चाहिए, ताकि वे सही-गलत में अंतर कर सकें। B- योगेंद्र कौशिक, पूर्व बार सचिव
सही-गलत के बारे में बताएंB
निर्भया जैसी घटनाएं दोबारा न हो, इसके लिए सरकार को और कड़ा कानून बनाने की जरूरत है। साथ ही अभिभावकों की भी जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को सही-गलत के बारे में बताएं ताकि वे भविष्य में किसी के साथ गलत काम न करें। B- सुबोध त्यागी, वरिष्ठ अधिवक्ता
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Bघर से ही लाएं बदलाव
Bअपने बच्चों को बताएं कि वे महिलाओं और लड़कियों का सम्मान करें। अगर घर में बच्चों को अच्छे संस्कार दिए जाएंगे तो वे बाहर किसी के साथ गलत काम नहीं करेंगे। बच्चों को गुड टच और बेड टच के बारे में भी जानकारी दें। B- कुशांक बहादुर सिंह, अधिवक्ता B
Source: International