200 करोड़ की सरकारी जमीन हथियाने में तत्कालीन 2 तहसीलदार पर होगी FIR

वस, गाजियाबाद

मसूरी एरिया में 200 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन को हथियाने के मामले में डीएम अजय शंकर पांडेय ने दो तहसीलदारों पर एफआईआर दर्ज करवाने के आदेश दिए हैं। डीएम अजय शंकर पांडेय ने बताया कि तहसील सदर के ग्राम मसूरी की खसरा नंबर 679 की 4.438 हेक्टेयर जमीन उसर जमीन थी। लेकिन इसको हथियाने के लिए पहले इसे आबादी में कन्वर्ट कर दिया गया। फिर इसे बेदखल कर दिया गया। इस जमीन पर कब्जा किए जाने के लिए पिछले कुछ समय से प्रयास चल रहा था। इस वजह से डीएम अजय शंकर पांडेय ने एडीएम प्रशासन को प्रकरण की जांच के आदेश दिए। उनके जांच के आधार पर तत्कालीन दो तहसीलदारों पर एफआईआर दर्ज करवाने का आदेश दिया गया है।

Bजांच में यह हुआ खुलासा

Bएडीएम प्रशासन की जांच में खुलासा हुआ कि वर्ष 1958 में तत्कालीन तहसीलदार की ओर से उसर की भूमि को गलत तरीके से आबादी में दर्ज किया गया। फिर 1972 में तत्कालीन तहसीलदार में 3.65 हेक्टेयर जमीन को मार्गेट क्रिकनेल द्वारा डीसीएम श्रीराम इंडस्ट्री के पक्ष में बेच दिया। फिर 1987 में तत्कालीन तहसीलदार ने जिनके नाम पर जमीन बेची गई उनके नाम पर दाखिल खारिज कर दिया गया।

Bइनके खिलाफ होगी एफआईआर

Bडीएम ने बताया कि तत्कालीन जिस तहसीलदार ने उसर भूमि को आबादी में कन्वर्ट किया है और दूसरे तत्कालीन तहसीलदार जिन्होंने दाखिल खारिज का आदेश पारित किया है। इन दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। इन दोनों के नाम की तलाश की जा रही है। इसके अलावा जिला प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए एसडीएम सदर के आदेश के खिलाफ कोई स्टे ऑर्डर न करवा ले, इसके लिए जिला प्रशासन ने मंडलायुक्त, राजस्व परिषद और हाईकोर्ट में कैविएट दाखिल करा दिया गया है।

Source: International

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