घूस लेने के लिए पहले भी जा चुका है पालिका कर्मचारी

– पिलखुवा नगर पालिका परिषद में तैनात है तीनों कर्मचारी

– जेई व बाबू के खिलाफ भी दर्ज हुआ है मुकदमा

Bएनबीटी न्यूज, हापुड़ B

रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़े गए नगर पालिका के कर्मचारी विनोद ने पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। एंटी करप्शन ब्रांच की टीम ने उसे सोमवार को गिरफ्तार किया है। उसने बताया है कि विभाग में होने वाले कार्यों के भुगतान में कितनी घूस लेनी है इसे कई अफसर और वरिष्ठ कर्मचारी तय करते थे। वसूली के लिए उसे भेजा जाता था। बाद में घूस की रकम का बंटवारा होने की बात भी उसने बताई है। सोमवार के घूस प्रकरण में आरोपी बनाए गए जेई, बाबू और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के बीच पिछले काफी समय से इस प्रकार का खेल चलने की बात सामने आ रही है। मामला शासन स्तर पर पहुंच गया है। जांच में कई मामलों का खुलासा हो सकता है। पिलखुवा थाना प्रभारी महावीर सिंह ने बताया कि आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम पूरे मामले की जांच कर रही है। फरार जेई और बाबू की तलाश की जा रही है।B

क्या था मामलाB

मेरठ स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो को शिकायत मिली थी कि पिलखुवा नगर पालिका परिषद में ठेकेदार दीपा शर्मा ने करीब 38 लाख रुपये का कार्य किया था। इसके भुगतान के एवज में परिषद के जेई और बाबू ने एक लाख रुपए की रिश्वत की मांग की। दीपा के भाई मनदीप की इसकी शिकायत एंटी करप्शन की टीम को कर दी। इसके बाद प्लानिंग के तहत सत्यम टॉकीज के सामने फ्लाईओवर के नीचे रिश्वत की रकम लेने के लिए संबंधित कर्मचारियों को मनदीप के माध्यम से बुलाया गया। इधर, बाबू और जेई तो रुपये लेने नहीं आए लेकिन विभाग का चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी विनोद आ गया। उसे टीम ने घूस लेते रंगे हाथों दबोच लिया। बाद में इसके साथ जेई व बाबू के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया गया।

वर्जन:

एफआईआर की कापी मिलने पर तीनों के खिलाफ नियम के अनुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी। – विकास कुमार, ईओ, पिलखुवा नगर पालिका परिषद

Source: International

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